पलक्कड़ में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का अनोखा अंदाज: कुर्सी नहीं, जमीन पर बैठक

जयपुर
सत्ता या शक्ति का वास्तविक अर्थ केवल पद, कुर्सी या औपचारिक प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं होता—यह बात केरल के पलक्कड़ में आयोजित तपस्या गोल्डन जुबली इंटरनेशनल म्यूजिक फेस्टिवल में उस समय स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जब केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने परंपरागत औपचारिकताओं से अलग सादगी का मार्ग चुना।

 अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त इस संगीत महोत्सव में, जहां आमतौर पर विशिष्ट अतिथियों के लिए मंच, विशेष आसन और कड़े प्रोटोकॉल की व्यवस्था होती है, वहीं मंत्री शेखावत ने इन सबसे दूरी बनाते हुए श्रोताओं के बीच जमीन पर बैठकर भारत के कालजयी भक्ति संगीत का रसास्वादन किया। उनके इस सहज और शांत व्यवहार ने न केवल उपस्थित श्रोताओं बल्कि कलाकारों का भी ध्यान आकर्षित किया।
 
महोत्सव में प्रस्तुत भक्ति संगीत भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की आत्मा को दर्शाता है—जहां सुर, साधना और समर्पण का संगम होता है। ऐसे वातावरण में मंत्री का जमीन पर बैठना केवल एक व्यक्तिगत चयन नहीं था, बल्कि यह एक गहरा सांस्कृतिक संदेश भी था। यह संकेत था कि संस्कृति को जीने के लिए पद या शक्ति की ऊंचाई आवश्यक नहीं, बल्कि विनम्रता और श्रद्धा ही उसका वास्तविक आधार है।

गजेंद्र सिंह शेखावत का यह व्यवहार उस विचार को मजबूत करता है कि संस्कृति केवल मंच से प्रदर्शित करने की वस्तु नहीं, बल्कि उसे आत्मसात करने की प्रक्रिया है। बिना किसी चकाचौंध, बिना सुरक्षा घेरों और विशेष प्रोटोकॉल के, उन्होंने यह दिखाया कि नेतृत्व का वास्तविक स्वरूप सादगी, सम्मान और सहभागिता में निहित होता है।

पलक्कड़ का यह दृश्य सोशल मीडिया और सांस्कृतिक हलकों में चर्चा का विषय बना, जहां कई लोगों ने इसे भारतीय परंपराओं के अनुरूप एक प्रेरक उदाहरण बताया। यह क्षण इस बात की याद दिलाता है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं संस्कृति के साथ समान स्तर पर जुड़ते हैं, तभी उसका संरक्षण और संवर्धन वास्तव में संभव होता है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति