किसानों की अगली पीढ़ी सड़क पर: पांगरी बांध मुआवजे को लेकर बुरहानपुर में बच्चों का आंदोलन

बुरहानपुर
जिले की पांगरी बांध परियोजना के तहत भूमि डूब में जाने से प्रभावित किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। मुआवजे को लेकर सरकार और प्रशासन से संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण किसान लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते महीनों में किसान पत्थर खाओ आंदोलन, भैंस के आगे बीन बजाओ, अर्ध नग्न प्रदर्शन जैसे अनूठे तरीकों से अपना विरोध जता चुके हैं।
आंदोलन में बच्चों की एंट्री

रविवार को आंदोलन ने एक नया रूप ले लिया, जब प्रभावित किसानों के छोटे-छोटे बच्चों ने आंदोलन की बागडोर अपने हाथ में ले ली। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखा और जमीन का दोगुना मुआवजा देने की मांग की। तख्तियों पर “हमें न्याय चाहिए” और “जय जवान जय किसान” जैसे नारे लिखे हुए थे।
 
प्रशासन पर कानून तोड़ने का आरोप
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रवि कुमार पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन भूमि अधिग्रहण कानून को तोड़-मरोड़ कर किसानों के सामने प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को विधिवत दो गुना मुआवजा और सांत्वना राशि मिलनी चाहिए। प्रशासन की मौजूदा प्रक्रिया कानून के विपरीत है, जिसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

300 से अधिक परिवार प्रभावित
पांगरी मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत पांगरी, बसाली और नागझिरी गांवों के 300 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। इन गांवों की लगभग 287 हेक्टेयर भूमि बांध के डूब क्षेत्र में चली गई है। यह भूमि गन्ना, केला और कपास जैसी व्यावसायिक फसलों के लिए जानी जाती थी।

विस्थापन योजना का अभाव
किसानों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग ने न तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विस्थापन की कोई ठोस योजना बनाई है और न ही परियोजना से जुड़े आवश्यक सर्वे कराए गए हैं। जिला प्रशासन कलेक्टर दर से भूमि का मूल्य और उतनी ही पारितोषिक राशि दे रहा है, जिसे किसान अपर्याप्त बता रहे हैं।

दो बार हो चुकी बैठकें, समाधान नहीं
डॉ. रवि पटेल के अनुसार मुआवजे को लेकर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ दो बार बैठक हो चुकी है। किसान जल संसाधन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट से भी मुलाकात कर चुके हैं। मंत्री ने अधिकारियों को समस्या सुलझाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

निर्माण कार्य भी प्रभावित
मुआवजा विवाद के चलते बांध के बाद नहरों और अन्य निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें कानून के अनुसार पूरा मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान नंदू पटेल, राहुल राठौर, संजय चौकसे, माधो नाटो, कालू चौकसे, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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