दो हाई-स्पीड ट्रेनें टकराईं स्पेन में, 21 मृत और दर्जनों घायल; बचाव अभियान सक्रिय

मैड्रिड:

स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत में एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ. इस दुर्घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 70 लोग घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद राहत बचाव अभियान चलाया गया. इस हादसे में एक ट्रेन के पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन में टक्कर मारने से ये भीषण रूप ले लिया.

यूरो न्यूज ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत में एक तेज रफ़्तार इरियो ट्रेन के पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन से टकराने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. यह हादसा एडमुज के पास हुआ. घटना के समय इरियो ट्रेन में करीब 300 यात्री थे. ये ट्रेन मलागा से मैड्रिड-पुएर्ता डे अटोचा जा रही थी. इरियो ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई और मैड्रिड-ह्यूएलवा रूट पर चल रही एक एवीई ट्रेन से टकरा गई. दूसरी ट्रेन स्पेन की सरकारी रेलवे कंपनी रेनफे चला रही थी.

सोशल मीडिया पर यात्रियों द्वारा शेयर किए गए फुटेज में टक्कर के बाद कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आए. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि टक्कर भूकंप जैसी लगी, जबकि यात्रियों को बचाने के लिए खिड़कियां तोड़नी पड़ीं, जिससे कई लोग कटने से घायल हो गए.

यूरो न्यूज ने बताया कि कई यात्रियों ने ट्रेनों के अंदर धुआं होने की भी सूचना दी और मेडिकल मदद मांगी. स्पेनिश रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर एडीआईएफ ने कहा कि मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच सभी ट्रेन सर्विस अगली सूचना तक रोक दी गई हैं. इसने पुष्टि की कि मौके पर इमरजेंसी सर्विस तैनात कर दी गई हैं और स्थानीय अधिकारियों, रेनफे और इरियो के साथ मिलकर रात भर ऑपरेशन जारी रखेंगी.

स्पेन के पब्लिक ब्रॉडकास्टर आरटीवीई के पत्रकार साल्वाडोर जिमेनेज जो मलागा से इरियो ट्रेन में सफर कर रहे थे, ने कहा कि आखिरी दो डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें से एक पूरी तरह पलट गया. उन्होंने कहा, 'हम शाम 6:40 बजे मलागा से समय पर निकले थे. एक पल ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो और ट्रेन पटरी से उतर गई हो.' उन्होंने आगे कहा कि यात्रियों को हथौड़ों से खिड़कियाँ तोड़कर बाहर निकाला गया.

इमरजेंसी टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात का जायजा ले रही है, घायलों का इलाज कर रही हैं और नुकसान का पूरा पता लगा रही हैं. रेड क्रॉस ने कॉर्डोबा से एक मेडिकल एम्बुलेंस और जैन से तीन और एम्बुलेंस मंगाई हैं. यूरो न्यूज ने बताया कि यह हादसे में शामिल दोनों ट्रेनों के यात्रियों को जरूरी चीजें भी दे रहा है.

स्पेन के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ऑस्कर पुएंते ने कहा कि वह एडीआईएफ ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर से हालात पर नजर रख रहे हैं और जैसे ही पक्की जानकारी मिलेगी, अपडेट शेयर करेंगे. मैड्रिड की रीजनल प्रेसिडेंट इसाबेल डियाज आयुसो ने घायलों के इलाज के लिए कम्युनिटी ऑफ मैड्रिड के अस्पतालों की मदद की पेशकश की.

उन्होंने कहा, 'कॉर्डोबा में हुए दुखद हादसे के बाद कम्युनिटी ऑफ मैड्रिड के अस्पताल और 112 इमरजेंसी टीमें स्टैंडबाय पर हैं और अंडालूसी रीजनल गवर्नमेंट के पास हैं,' उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों की मदद के लिए मैड्रिड के एटोचा स्टेशन पर सपोर्ट टीमें तैनात की जाएंगी. अधिकारियों ने ट्रेन के पटरी से उतरने का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है.

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति