1200 करोड़ में तैयार होगा भोपाल गैस हादसे का स्मारक, यूनियन कार्बाइड की साइट पर ‘हिरोशिमा’ जैसी यादगार संरचना

भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों की याद में एक स्मारक बनाने की योजना बना रही है। यह स्मारक जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में बने स्मारकों की तर्ज पर होगा। इस स्मारक का उद्देश्य 2-3 दिसंबर 1984 की रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से हुए एमआईसी गैस रिसाव में मारे गए और अपंग हुए लोगों को श्रद्धांजलि देना है।

यूनियन कार्बाइड की जगह पर बनेगा स्मारक
यह प्रस्तावित स्मारक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की छोड़ी हुई जगह पर बनेगा। इसका मकसद भोपाल गैस त्रासदी की भयावहता को फिर से याद दिलाना है। यह लोगों को उस भयानक अतीत, उसके असर और लोगों के दर्द की याद दिलाएगा। साथ ही, यह दुनिया को यह भी दिखाएगा कि कैसे भोपाल एक आधुनिक शहर के रूप में आगे बढ़ा है और दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक तबाही की जगह होने का तमगा पीछे छोड़ दिया है। जापान के स्मारक 1945 के परमाणु हमलों की याद दिलाते हैं।

90 एकड़ जमीन के लिए मास्टर प्लान
इस स्मारक के विकास की योजना 2025 में पीथमपुर की TSDF सुविधा में भोपाल फैक्ट्री परिसर से जहरीले कचरे को जलाने के बाद आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को घोषणा की कि स्मारक के लिए लगभग 90 एकड़ जमीन का एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।

पीड़ितों के नाम वाली दीवार भी बनेगी
स्मारक के अलावा, सरकार एक औद्योगिक आपदा संस्थान, भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों के नामों वाली एक दीवार, और दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक तबाही पर साहित्य वाला एक संग्रहालय स्थापित करने पर भी विचार कर रही है। भोपाल गैस त्रासदी स्थल के विकास पर 1200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।

क्या बोले सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा,'सरकार समाज के सभी वर्गों और प्रभावित हितधारकों से सलाह लेगी और यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर के विकास के साथ आगे बढ़ेगी। उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में, भोपाल गैस त्रासदी में जान गंवाने वालों की याद में अब साफ किए गए परिसर में एक स्मारक बनाया जाएगा।'

 

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