रेलवे की बंपर कमाई: वंदे भारत स्लीपर के पहले सफर में ही हाउसफुल, टिकट 24 घंटे में बिके

नई दिल्ली

असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रेलगाड़ी (रेलगाड़ी संख्या 27576) की पहली व्यावसायिक यात्रा को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इस ट्रेन के सभी श्रेणियों की टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद 24 घंटे से कम समय में ही बिक गई। रेलवे ने मंगलवार को बताया कि 22 जनवरी को कामख्या से चलने वाली वंदे भारत शयनयान रेलगाड़ी में यात्रा के लिए पीआरएस और अन्य साइटों के माध्यम से टिकट बुकिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर सभी सीटें बुक हो गईं। सीटों की इतनी जल्दी बुकिंग होना यात्रियों की उस उत्सुकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

गौरतलब है कि अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित देश की पहली वंदे भारत शयनयान को 17 जनवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। रेलवे के अनुसार, यह रेलगाड़ी 22 जनवरी से कामाख्या से और 23 जनवरी से हावड़ा से अपनी पहली व्यावसायिक यात्रा शुरू करेगी। एजेंसी वार्ता की रिपोर्ट के अनुसार, इस नई रेल सेवा के लिए टिकट बुकिंग 19 जनवरी को सुबह 8:00 बजे शुरू हुई और 24 घंटे से भी कम समय में सभी श्रेणियों के टिकट पूरी तरह बिक गए।

कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीवर एक्सप्रेस से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच यातायात में काफी सुधार होने की उम्मीद है। यह ट्रेन आधुनिक सुविधाएं, बेहतर यात्रा समय और विश्व स्तरीय रात्रिकालीन यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।
टिकट के लिए कड़े नियम

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत 2 ट्रेनों के यात्री यदि निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से पहले, अपने ‘कंफर्म’ टिकट रद्द करते हैं तो एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। रेल मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इन ट्रेनों के टिकट रद्द करने का शुल्क किराये का 25 प्रतिशत होगा, बशर्ते कि ‘कंफर्म’ टिकट 72 घंटे से पहले रद्द किए जाएं।

मंत्रालय ने रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है और वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ-साथ अमृत भारत 2 ट्रेनों के लिए सख्त नियमों को अधिसूचित किया है। अन्य ट्रेनों के मामले में, यदि ‘कंफर्म’ टिकट निर्धारित प्रस्थान समय से चार घंटे से कम समय पहले रद्द किए जाते हैं, तो धनवापसी के लिए पात्र नहीं होंगे।

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