अशोकनगर के कलेक्टर आदित्य सिंह की अचानक बर्खास्तगी, शिकायत दिल्ली तक पहुंची थी

अशोकनगर 
 मोहन सरकार ने  देर रात अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह का ट्रांसफर कर दिया है. आनंदपुर ट्रस्ट के पदाधिकारी की शिकायत पर अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाया गया है. उनकी जगह अब साकेत मालवीय अशोकनगर कलेक्टर का पद संभालेंगे. आदित्य सिंह को हटाकर भोपाल गैस त्रासदी राहत व पुनर्वास विभाग में उपसचिव के पद पर भेजा गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने देर रात तबादले के ये आदेश जारी कर दिए हैं.

संगठन से शिकायत के बाद हटाए गए आदित्य सिंह

आनंदपुर ट्रस्ट के पदाधिकारी ने दिल्ली भाजपा हाई कमान से अशोकनगर में पदस्थ कलेक्टर आदित्य सिंह की शिकायत की थी. निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाया गया, जबकि उनकी जगह पर साकेत मालवीय को अशोकनगर जिले की कमान सौंपी गई है. बुधवार देर शाम नए कलेक्टर के नाम की घोषणा कर दी गई है. आनंदपुर ट्रस्ट के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर आदित्य सिंह को लेकर सीधे भाजपा हाई कमान दिल्ली से शिकायत की थी. शिकायत सामने आते ही सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया.और कलेक्टर को हटाने के लिए अंदरूनी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए.

आदित्य सिंह पर क्या आरोप?

अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाए जाने का प्रमुखा कारण आनंदपुर ट्रस्ट विवाद है. आनंदपुर ट्रस्ट ने कथित तौर पर आदित्य सिंह द्वारा 3 करोड़ रु मांगने के आरोप लगाए थे, जिसके बाग ये कार्रवाई की गई है. हालांकि, ट्रस्ट द्वारा किसी भी प्रकार की शिकायत या आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है.

कलेक्टर को हटाने से पहले चुनाव आयोग से क्यो पूछा गया?

दरअसल, मध्य प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया SIR का काम अंतिम चरण में चल रहा है. इसे लेकर सरकार 21 फरवरी तक सीधे कलेक्टरों को हटाने का फैसला नहीं दे सकती, जिसके कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सरकार ने तीन आईएएस का पैनल तैयार किया और चुनाव आयोग को भेजा गया. इसमें आयोग ने साकेत मालवीय के नाम पर अपनी मोहर लगाई है. कलेक्टर मालवीय को व्यापम भोपाल से अशोकनगर कलेक्टर बनाया गया है. मालवीय भी आदित्य सिंह की तरह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.

25 जनवरी को होना है सम्मान, हो गया ट्रांसफर

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आईएएस आदित्य सिंह का 25 जनवरी को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान होना है, उसके पहले ही उनका कई आरोपों के साथ ट्रांसफर हो गया. दरअसल, वोटर लिस्ट में एसआईआर के काम में सबसे अच्छा परफॉर्म करने पर अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के हाथों 25 जनवरी को सम्मान मिलना तय किया गया था.

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