नई-नवेली दुल्हन की हत्या: गुजरात में कांग्रेसी नेता के IAS भतीजे ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर खुद भी मरा

अहमदाबाद
गुजरात में एक बड़े कांग्रेसी नेता के भतीजे और मैरीटाइम के अधिकारी ने अपनी पत्नी की हत्या के बाद खुद को भी गोली मारकर जान दे दी। दो महीने पहले ही दोनों की शादी हुई थी। किसी बात लेकर झगड़े के बाद अधिकारी ने पहले पत्नी की जान ली और फिर कुछ देर बाद खुद को गोली मारी।

पत्नी की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले अधिकारी की पहचान यशराज सिंह गोहिल के रूप में हुई, जो मैरीटाइम बोर्ड (बंदरगाहों, तटीय विकास और समुद्री गतिविधियों के प्रबंधन देखने वाला एक सरकारी निकाय) के क्लास-1 अधिकारी थे। वह दिग्गज कांग्रेसी नेता और राज्य में पार्टी के पूर्व प्रमुख शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे थे।

पत्नी को गोली मारी, 108 पर कॉल किया फिर खुदकुशी
पुलिस के मुताबिक बुधवार रात घर में यशराज और उनकी पत्नी राजेश्वरी गोहिल के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इस दौरान यशराज सिंह ने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी राजेश्वरी को गोली मार दी। इसके बाद उन्होंने 108 इमर्जेंसी सर्विस पर कॉल करके मदद भी मांगी। मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने राजेश्वरी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा कि जैसे ही इमर्जेंसी टीम फ्लैट से निकली। यशराज सिंह ने दूसरे कमरे में जाकर उसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार दी। मौके पर ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

UPSC की तैयारी कर रहे थे यशराज
यशराज सिंह गोहिल हाल ही में गुजरात मैरीटाइम बोर्ड में अधिकारी बने थे और वह यूपीएससी की तैयारी में भी जुटे थे। दोनों शवों को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस परिवार के सदस्यों से बातचीत करके यह पता लगाने में जुटी है कि किन वजहों से दोनों के बीच इतना तनाव था।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति