आजम खां परिवार की ट्रस्ट से विदाई, जौहर ट्रस्ट की नई अध्यक्ष बनीं निकहत

लखनऊ

समाजवादी पार्टी के महासचिव आजम खां ने पत्नी-बेटे के साथ जौहर ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया। परिवार के इस सामूहिक इस्तीफे के बाद ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी गठित की गई है। 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट 'मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट' के आधिकारिक पदों से खुद को अलग कर लिया है। गुरुवार को आजम खां के साथ ही उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। परिवार के इस सामूहिक इस्तीफे के बाद ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी गठित की गई है, जिसमें आजम की बहन निकहत अफलाक को अध्यक्ष और उनके बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम को सचिव बनाया गया है।

मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूलों का संचालन करती है। इस ट्रस्ट में आजम खां अध्यक्ष थे जबकि उनकी पत्नी डा. तजीन फात्मा सचिव, इतना ही नहीं आजम खां के दोनो बेटे अदीब आजम और अब्दुल्ला आजम इस ट्रस्ट के सदस्य हुआ करते थे लेकिन, आजम खां और जौहर ट्रस्ट पर कसते कानूनी शिकंजे के बाद आजम खां ने बेटे अब्दुल्ला और पत्नी डा. तजीन फात्मा के साथ खुद को जौहर ट्रस्ट से अलग कर लिया है।

मालूम हो कि पूर्व में जब आजम खां, अब्दुल्ला आजम और तजीन फात्मा जेल में बंद थे तब ट्रस्ट के संचालन में भी असुविधा हो रही थी। लिहाजा, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी गठित की गई है। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डा. एसएन सलाम ने बताया कि ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी से आजम खां, तजीन फात्मा और अब्दुल्ला ने खुद को अलग कर लिया है। अब निकहत अफलाक इस ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं जबकि, मोहम्मद अदीब आजम खां सचिव हैं।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति