भारत ने 2026 पासपोर्ट रैंकिंग में किया शानदार सुधार, पाकिस्तान को मिली बड़ी झटका

नई दिल्ली

दुनिया में घूमने फिरने की आजादी किसी देश की ताकत का बड़ा संकेत बन चुकी है. इसी आधार पर जारी हुई Henley Passport Index 2026 की नई रैंकिंग ने एक बार फिर वैश्विक ताकत के संतुलन की तस्वीर दिखा दी है. इस साल सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे शक्तिशाली घोषित किया गया है. यानी सिंगापुर का पासपोर्ट रखने वाला व्यक्ति बिना वीजा 192 देशों में यात्रा कर सकते हैं. एशिया की बढ़ती ताकत इस लिस्ट में साफ दिखती है. सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर जापान और साउथ कोरिया हैं, जिन्हें 188 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है. यूरोप के कई देश तीसरे और चौथे पायदान पर हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने बीते दो दशकों में 57 पायदान की छलांग लगाते हुए खुद को टॉप 5 में पहुंचा दिया है. हालांकि एक ही पायदान पर कई देश हैं.
पासपोर्ट इंडेक्स में किसका हाल खराब?

अमेरिका की स्थिति भी चर्चा में है. पिछले साल गिरावट के बाद अमेरिका फिर टॉप 10 में लौट आया है और 179 देशों में वीजा फ्री पहुंच के साथ 10वें स्थान पर है. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मलेशिया भी टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहे हैं. इसके उलट दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट की सूची में अफगानिस्तान सबसे नीचे है. अफगान पासपोर्ट के साथ केवल 24 देशों में बिना वीजा यात्रा संभव है. उसके बाद सीरिया (100वें), इराक (99वें), पाकिस्तान (98वें), यमन और सोमालिया जैसे देश हैं. पाकिस्तान 98वें रैंक में आकर टॉप 100 में आने में कामयाब हो गया. पिछले साल यह 103 पर था. हालांकि रैंकिंग में सुधार होकर भी पाकिस्तान फिसड्डी रहा. पिछले साल 103 रैंक पर होकर भी पाकिस्तानी 33 देशों की यात्रा वीजा फ्री कर सकते थे. इस साल जब रैंक 98 है तो सिर्फ 31 देशों की यात्रा हो सकती है, यानी 2 देश कम हुए हैं. रिपोर्ट बताती है कि आज सबसे मजबूत और सबसे कमजोर पासपोर्ट के बीच 168 देशों का अंतर हो चुका है. साल 2006 में यह अंतर केवल 118 देशों का था.
भारत का क्या है हाल?

भारत की स्थिति भी इस रिपोर्ट में खास है. 2026 में भारत 80वें स्थान पर है, जो पिछले साल के मुकाबले पांच पायदान ऊपर है. 2025 में भारत 85वें पायदान पर था. भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 55 देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल सुविधा मिलती है. यह सुधार भले ही छोटा लगे, लेकिन इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट 2026

रैंकिंग देश का नाम कितने देश वीजा फ्री
1 सिंगापुर 192 देश
2 जापान, साउथ कोरिया 188 देश
3 डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड 186 देश
4 ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे 185 देश
5 हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, यूएई 184 देश
6 क्रोएशिया, चेकिया, एस्टोनिया, माल्टा, न्यूजीलैंड, पोलैंड 183 देश
7 ऑस्ट्रेलिया, लातविया, लिकटेंस्टाइन, यूनाइटेड किंगडम 182 देश
8 कनाडा, आइसलैंड, लिथुआनिया 181 देश
9 मलेशिया 180 देश
10 अमेरिका 179 देश

टॉप 10 सबसे कमजोर पासपोर्ट 2026

रैंकिंग देश का नाम कितने देश वीजा फ्री
101 अफगानिस्तान 24 देश
100 सीरिया 26 देश
99 इराक 29 देश
98 पाकिस्तान, यमन 31 देश
97 सोमालिया 33 देश
96 नेपाल 35 देश
95 बांग्लादेश 37 देश
94 इरिट्रिया, नॉर्थ कोरिया, फिलिस्तीनी क्षेत्र 38 देश
93 लीबिया, श्रीलंका 39 देश
92 ईरान 40 देश

 

 

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति