यूपी में आज शाम 6 बजे सायरन बजेगा, बुझ जाएंगी बत्तियां! जानें ‘ब्लैकआउट’ की पूरी योजना

 लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार आज शाम 6:00 बजे पूरे राज्य में ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है. इस दौरान सायरन बजते ही लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद करनी होंगी. यह अभ्यास हवाई हमलों जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने और दुश्मन से लोकेशन छिपाने की तैयारी के लिए किया जा रहा है. 

इसमें सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग जैसी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ हिस्सा लेंगी. प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में स्थान चिन्हित कर लिए हैं ताकि आम जनता को इस सुरक्षा प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा सके।

क्यों जरूरी है यह मॉक ड्रिल?

ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय हवाई हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करना है. शाम के समय लाइटें बंद करने से दुश्मन को सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता. इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों की जांच करेंगी. इससे जनता को यह संदेश देना है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई आपात स्थिति आती है, तो उन्हें घबराने के बजाय किस तरह अनुशासित रहकर अपनी और देश की सुरक्षा करनी है. 

इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान

ब्लैकआउट के दौरान कुछ कड़े नियमों का पालन अनिवार्य है. लोगों को अपने घरों के अंदर रहना चाहिए और सभी लाइटें बंद रखनी चाहिए. घर से बाहर टॉर्च, मोबाइल या माचिस का प्रयोग पूरी तरह वर्जित होता है. यदि घर के किसी हिस्से से रोशनी बाहर जा रही हो, तो वहां काला कागज चिपकाना जरूरी है. इसके अलावा धूम्रपान न करने और बाहर होने की स्थिति में दौड़ने के बजाय आराम से चलने की सलाह दी गई है ताकि कोई दुर्घटना न हो.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति