इवेंट्स की पूरी जानकारी चाहिए? अब यहीं मिल जाएगी हर अपडेट

कुछ साल पहले तक अपने ही शहर में होने वाले नाटक, संगीत कार्यक्रम, साहित्यिक गोष्ठी, प्रदर्शनी या सेमिनार की जानकारी समय पर मिल पाना मुश्किल होता था। अख़बारों में सीमित कवरेज और पोस्टरों पर निर्भरता के कारण लोग चाहकर भी कई अच्छे कार्यक्रमों से वंचित रह जाते थे। लेकिन डिजिटल दौर ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज इवेंट्स से जुड़ी जानकारी, टिकट बुकिंग, रिमाइंडर और यहां तक कि ऑनलाइन इवेंट्स तक-सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है।

आज देशभर में कई ऐसी वेबसाइटें और ऐप्स मौजूद हैं, जो न सिर्फ इवेंट्स की विस्तृत जानकारी देती हैं बल्कि टिकट खरीदने, ऑफर पाने और पसंद के अनुसार इवेंट चुनने की सुविधा भी देती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ प्रमुख और अपडेटेड इवेंट वेबसाइट्स के बारे में-

बुकमायशो
बुकमायशो आज भारत की सबसे लोकप्रिय इवेंट और टिकटिंग वेबसाइट बन चुकी है। यह प्लेटफॉर्म फिल्मों के साथ-साथ लाइव कॉन्सर्ट, थिएटर, स्टैंड-अप कॉमेडी, स्पोर्ट्स, फेस्टिवल और वर्कशॉप्स को कवर करता है।

-300+ शहरों में इवेंट्स
-आसान टिकट बुकिंग और डिजिटल टिकट
-कई कार्यक्रमों पर छूट और कैशबैक
-तारीख, शहर और कैटेगरी के हिसाब से सर्च की सुविधा

पे-टाइम इनसाइडर
पे-टाइम इनसाइडर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह म्यूजिक फेस्टिवल, पार्टी, स्टार्टअप मीटअप, फिटनेस इवेंट्स और एक्सपीरियंस-बेस्ड इवेंट्स पर खास फोकस करता है।

-क्यूरेटेड और ट्रेंडी इवेंट्स
-ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प
-टिकट के साथ एक्सपीरियंस बुकिंग
-आसान मोबाइल ऐप

टाउनस्क्रिप्ट
टाउनस्क्रिप्ट खासतौर पर सेमिनार, वर्कशॉप, टेक इवेंट्स और एजुकेशनल प्रोग्राम्स के लिए जाना जाता है।

-स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी
-फ्री और पेड इवेंट्स की अलग पहचान
-आयोजकों और दर्शकों दोनों के लिए सुविधाजनक

इवेंट्सहाई
इवेंट्सहाई देश के कई बड़े शहरों में होने वाले सांस्कृतिक, पारिवारिक और प्रोफेशनल इवेंट्स की जानकारी देता है।

-शहरवार इवेंट लिस्टिंग
-बच्चों और परिवार के लिए खास कैटेगरी
-कई इवेंट्स पर टिकट बुकिंग सुविधा

दिल्ली इवेंट्स

दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए यह वेबसाइट बेहद उपयोगी है।

-दिन, महीने और वेन्यू के अनुसार इवेंट्स
-उम्र और रुचि के हिसाब से वर्गीकरण
-ईमेल अलर्ट और नियमित अपडेट

मीटअप
अगर आप नेटवर्किंग, स्टार्टअप, टेक, फिटनेस या हॉबी ग्रुप्स में रुचि रखते हैं, तो मीटअप आपके लिए सही प्लेटफॉर्म है।

-लोकल कम्युनिटी इवेंट्स
-ज़्यादातर फ्री या कम शुल्क वाले कार्यक्रम
-नए लोगों से मिलने और सीखने का अवसर

निष्कर्ष
आज इवेंट्स की जानकारी के लिए सिर्फ अख़बारों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने शहरों की सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रोफेशनल गतिविधियों को हर व्यक्ति तक पहुंचा दिया है। चाहे आप संगीत प्रेमी हों, थिएटर के शौकीन, स्टूडेंट, प्रोफेशनल या परिवार के साथ वीकेंड प्लान करने वाले-इन वेबसाइट्स पर आपको हर पसंद का इवेंट मिल जाएगा।

 

admin

Related Posts

चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति