बसंत पंचमी का खास संयोग: तीन साल बाद शुक्रवार को, 2032 में फिर बनेगा

धार

धार की भोजशाला में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग शांति के साथ बीत गया। पिछले चौबीस साल में जब भी यह खास मौका आया, तब धार में हालात काफी चुनौतीपूर्ण रहे। इतिहास के पन्नों को देखें तो चार बार ऐसे मौके आए जब प्रशासन को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े और उनमें से तीन बार तो शहर को पथराव और कर्फ्यू जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा,लेकिन इस साल शहरवासियों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली क्योंकि पूजा और नमाज दोनों ही बिना किसी टकराव के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए।

भोजशाला की मिल्कियत का मामला फिलहाल हाई कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट के आदेश पर पुरातत्व विभाग ने करीब तीन महीने तक यहां सर्वे का काम किया और पुरानेे अवशेषों  की खोजबीन की। हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि आने वाले समय में कोर्ट का फैसला उनके हक में आएगा। विश्व हिंदू परिषद की ओर से भी यह बात कही गई है कि भोजशाला के निर्माण को जल्द ही एक हजार साल पूरे होने वाले हैं और तब तक वे कानूनी तरीके से अपनी कोशिशें जारी रखेंगे।

आने वाले वक्त की बात करें तो पंडितों का अनुमान है कि साल 2029 में एक बार फिर बसंत पंचमी और शुक्रवार का मेल होगा। इसके बाद साल 2032 और फिर साल 2052 में भी यही स्थिति बनेगी। हालांकि इस बार का उत्सव शांति से निकल गया, फिर भी पुलिस प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। धार में 27 जनवरी तक भारी पुलिस बल शहर में तैनात रखने का फैसला लिया गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति