राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान का उद्घाटन: प्रवेश, टिकट रियायत और समय से जुड़ी सब बातें

नई दिल्ली
राष्ट्रपति भवन का प्रसिद्ध अमृत उद्यान इस बार 3 फरवरी से आम जनता के लिए खुलने जा रहा है, जो 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा। अमृत उद्यान को पहले मुगल गार्डन के नाम से जाना जाता था, जो राष्ट्रपति भवन परिसर में 15 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। मूल रूप से इसमें ईस्ट लॉन, सेंट्रल लॉन, लॉन्ग गार्डन और सर्कुलर गार्डन शामिल थे।
 
क्या टाइमिंग, किस दिन बंद
पिकनिक और सैर-सपाटे के शौकीन लोग हफ्ते में 6 दिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अमृत उद्यान घूमने जा सकते हैं। विजिटर्स के लिए यहां लास्ट एंट्री 5.15 बजे तक ही होगी। उद्यान सोमवार को बंद रहेगा, जो रखरखाव का दिन है और 4 मार्च को होली के दिन भी यह बंद रहेगा।

यहां कर सकेंगे बुकिंग
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सभी विजिटर्स के लिए गार्डन में एंट्री और इसकी बुकिंग पूरी तरह से फ्री है। बुकिंग राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर की जा सकती है। वहीं, बिना प्री-बुकिंग के आने वाले वॉक-इन विजिटर्स के लिए एंट्री पॉइंट के पास सेल्फ-सर्विस विजिटर्स रजिस्ट्रेशन कियोस्क उपलब्ध होंगे।

कौन सा होगा नजदीकी मेट्रो स्टेशन
सभी विजिटर्स के लिए एंट्री और एग्जिट राष्ट्रपति एस्टेट के गेट नंबर 35 से होगा, जो नॉर्थ एवेन्यू और राष्ट्रपति भवन के पास है। विजिटर्स की सुविधा के लिए, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 35 तक हर 30 मिनट में सुबह 9.30 बजे से शाम 6.00 बजे तक शटल बस सेवा उपलब्ध होगी। शटल बसों को 'अमृत उद्यान के लिए शटल सेवा' बैनर से पहचाना जा सकता है।

विजिटर्स के लिए कई तरह की सेवाएं उपलब्ध
यहां विजिटर्स के लिए कई तरह की सर्विसेज उपबब्ध हैं, जिनमें यादगार चीजों की दुकानें, एक फूड कोर्ट, सुविधा के लिए व्हीलचेयर, पार्किंग और भी बहुत कुछ शामिल है, जिससे की यात्रा को और भी रोमांचक और यादगार बनाया जा सके।

इस बार अमृत उद्यान में आने वाले लोग बैबलिंग ब्रूक देख सकेंगे, जिसमें एक घुमावदार धारा, मूर्तियों वाले फव्वारे, पत्थर के रास्ते और एक रिफ्लेक्टिंग पूल शामिल है। विजिटर यहां कई आकर्षणों में समय बिता सकते हैं, जैसे बच्चों के लिए खास तौर पर बनाया गया बाल वाटिका गार्डन जिसमें 225 साल पुराने शीशम के पेड़ की कहानी है, एक ट्रीहाउस, नेचर क्लासरूम वगैरह शामिल हैं। इसके साथ ही बोनसाई, सर्कुलर गार्डन हैं जिनमें तरह-तरह के पेड़-पौधे और जीव-जंतु हैं।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति