तुलसी के 5 संकेत बदल सकते हैं किस्मत

नई दिल्ली.

तुलसी का पौधा हर घर की आत्मा माना जाता है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि वास्तु और स्वास्थ्य के नजरिए से भी बेहद अहम है। अक्सर हम देखते हैं कि कभी तुलसी अचानक हरी-भरी हो जाती है, तो कभी बिना किसी कारण के सूखने लगती है।

मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के ये बदलाव हमारे जीवन में आने वाली खुशियों या परेशानियों का पहले ही संकेत दे देते हैं। यहां तुलसी के पौधे से जुड़े उन शुभ संकेतों और नियमों के बारे में बताया गया है, जो घर में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा लाते हैं:

1. तुलसी का अचानक हरा-भरा होना
अगर आपके आंगन में लगी तुलसी अचानक बहुत ज्यादा हरी-भरी और घनी हो गई है, तो यह एक बेहद शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ रहा है और जल्द ही आपको कोई अच्छी खबर या धन लाभ मिल सकता है।

2. मंजरियों का आना
तुलसी के पौधे पर मंजरी आना शुभ माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर मंजरी बहुत ज्यादा हो जाएं, तो उन्हें समय-समय पर हटाकर भगवान विष्णु को अर्पित कर देना चाहिए। कहा जाता है कि बहुत ज्यादा मंजरी पौधे पर रहने से तुलसी 'तनाव' महसूस करती है, और उन्हें हटाने से घर का बोझ कम होता है।

3. पक्षियों का आगमन
अगर आपके घर की तुलसी पर चिड़ियां या अन्य पक्षी आकर बैठते हैं और चहचहाते हैं, तो समझ लीजिए कि आपके घर में खुशहाली का समय आने वाला है। पक्षियों का तुलसी के पास आना वातावरण के शुद्ध और मंगलमय होने का प्रतीक माना जाता है।

4. तुलसी के पास छोटे पौधों का उगना
अगर मुख्य तुलसी के गमले के आसपास अपने आप छोटे-छोटे तुलसी के पौधे उगने लगें, तो यह वंश वृद्धि और सौभाग्य का सूचक है। यह दर्शाता है कि देवी लक्ष्मी आपसे प्रसन्न हैं।

तुलसी की देखभाल के जरूरी नियम
दिशा का चुनाव: तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना चाहिए। इस दिशा में रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
शाम का दीपक: रोजाना शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
विशेष दिनों का ध्यान: एकादशी, रविवार और सूर्य ग्रहण के दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए और न ही इसके पत्ते तोड़ने चाहिए।

admin

Related Posts

चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति