ईरान पर हमले की आशंकाओं के बीच पहुंचा US एयरक्राफ्ट

वॉशिंगटन.

अमेरिका का USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट मिडल ईस्ट पहुंच गया है। इस एयरक्राफ्ट में तीन गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर भी हैं। कहा जा रहा है कि इस एयरक्राफ्ट के पहुंचने से ईरान पर हमला करने की अमेरिका की क्षमता में इजाफा हो जाएगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इस एयरक्राफ्ट को क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाने और सुरक्षा की स्थिति मजबूत करने के लिए भेजा गया है।

ईरान में हजारों प्रदर्शनकारियों का कत्ल किए जाने के आरोप लगाते हुए अमेरिका आक्रामक है। उसका कहना है कि यदि ईरान ऐसे ही प्रदर्शनकारियों को सजाएं देता रहा तो हम सैन्य दखल दे सकते हैं। इस बीच ईरान के अयातुल्लाह खामेनेई शासन ने भी अमेरिका को बड़ी चुनौती देते हुए उसे कमजोर बताया है। ईरान के एक सीनियर सैन्य अधिकारी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के बूते की बात नहीं है कि वह ईरान पर सरप्राइज अटैक करे या फिर निर्णायक हमला कर सके।

ईरान की Mehr न्यूज एजेंसी के अनुसार अधिकारी ने कहा कि अमेरिका का ऐसा आकलन गलत है कि वह हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी कमजोर आकलन के आधार पर अमेरिका यदि हमला करता है और सीमित कार्रवाई जैसी जो बात वह कर रहा है, वैसा कुछ किया तो चीजें हाथ से निकल जाएंगी। हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम ने इस बीच ईरान के समर्थन का ऐलान कर दिया है। उनका कहना है कि यदि अमेरिका ने कोई कदम उठाया तो हम ईरान के साथ रहेंगे और जवाबी कार्रवाई करेंगे। इस बीच हिजबुल्लाह के ऐलान को लेकर लेबनान में ही मतभेद हैं। लेबनान के सांसद और काताएब पार्टी के नेता सैमी गेमायेल ने कहा कि हमें जंग में झोंकने की जरूरत नहीं है।

हिजबुल्लाह से बोला लेबनान- आपको सुसाइड करनी है तो करिए
उन्होंने हिजबुल्लाह को चेतावनी दी और कहा कि आपको जो करना है करिए, लेकिन इसमें लेबनान को दांव पर लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने हिजबुल्लाह के ऐलान को सुसाइड जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यदि आप अपने बॉस यानी ईरान को बचाना चाहते हैं तो जाएं। आप सुसाइड करना चाहते हैं तो करें, लेकिन लेबनान को इससे दूर रखें। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों का कहना है कि ऐसी कई रिपोर्ट्स मिली हैं, जिनमें कहा गया है कि ईरान की सरकार कमजोर हो रही है।

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