उत्तराखंड सरकार की बड़ी पहल: 46 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव

उत्तराखंड.
चार धाम यात्रा से पहले बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन की तैयारी की जा रही है। यही नहीं प्रदेश के कुछ और प्रमुख मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाया जा सकता है।  बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

हेमंत द्विवेदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा है कि ‘राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों के स्टेक होल्डर और पुजारियों का मानना ​​है कि मंदिरों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाना बेहद जरूरी है। हम आगामी बीकेटीसी की बैठक में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 46 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने का प्रस्ताव लाने जा रहे हैं।’
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
आदि शंकराचार्य ये व्यवस्था बनाकर गए थे

उन्होंने आगे कहा कि 'हमने कोई नया फरमान जारी नहीं किया है ये तो आदि शंकराचार्य के कालखंड से होता चला आ रहा है। यहां की धार्मिक परंपराएं और प्राचीन मान्याताओं और आस्थाओं के अनुरूप आदि शंकराचार्य ये व्यवस्था बनाकर गए थे। समय की मांग के हिसाब से राज्य के अंदर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध मजार, थूक जिहाद और लैंड जिहाद के जरिए यहां पर धीरे-धीरे माहौल खराब किया गया है। ऐसे में मंदिरों के स्टेक होल्डर और पुजारियों की लंबे समय से मांग थी कि पूरी तरह से गैर हिंदुओं को बैन किया जाए।'

वहीं लंबे समय से केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों में आते रहे सिख और जैन श्रद्धालुओं के बारे में उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार, सिख, जैन और बौद्ध हिंदू धर्म का हिस्सा हैं।
गंगा सभा की भी तैयारी

मालूम हो कि हाल में हरिद्वार में हर की पौड़ी और आसपास के घाटों का प्रबंधन करने वाली संस्था गंगा सभा ने भी अगले साल आयोजित होने वाले अर्धकुंभ से पहले कुंभ क्षेत्र में आने वाले सभी गंगा घाटों और धार्मिक स्थानों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को बैन करने की मांग की है। यही नहीं हाल में हर की पौड़ी क्षेत्र में ‘अहिंदुओं का प्रवेश निषेध' लिखे पोस्टर लगाए गए हैं।

गंगोत्री धाम में गैर हिंदुओं पर रोक का इस इमाम ने किया समर्थन, दी तगड़ी दलील

उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में अब गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की तैयारी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति ने सभी हितधारकों के साथ इस पर सहमति बना ली है। जल्द ही बोर्ड की बैठक में इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा। गंगोत्री मंदिर समिति ने निर्णय कर लिया है। हालांकि सनातन धर्म में आस्था रखने वालों का स्वागत जारी रहेगा। इस घटनाक्रम पर मुस्लिम उलेमा की अलग-अलग राय सामने आई है।
मुस्लिमों का वहां कोई काम नहीं

ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि यह धर्म और आस्था का विषय है। यदि मंदिर कमेटी यह तय करती है कि गैर-हिंदू अंदर नहीं आ सकते हैं तो इस फैसले पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हर जगह के अपने नियम होते हैं। वैसे भी मुस्लिमों का गंगोत्री में कोई काम नहीं है। ऐसे में यदि कोई मुस्लिम वहां जाता है तो इससे टकराव होगा।

 

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