पूर्व CM बघेल पर सेक्स सीडी विवाद में नया मोड़, CBI की अपील के बाद हाईकोर्ट में कांग्रेस की याचिका

रायपुर 
 छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी प्रकरण में रायपुर सत्र अदालत द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के निर्णय को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस फैसले के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश राजनीतिक रंग दे दिया गया।

चंद्राकर ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद अब इस पर अनावश्यक बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक सीख बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष द्वारा पत्र लिखे जाने पर चंद्राकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल पत्राचार तक सीमित रह गई है।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि पत्र लिखकर चर्चा में बने रहना ही उनका मुख्य कार्य रह गया है। चंद्राकर ने सवाल उठाया कि विपक्ष यह स्पष्ट करे कि कहां और किसके दबाव में किसी का नाम हटाया गया है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण केवल आरोप लगाना राजनीति का स्तर गिराता है। कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर दिल्ली में चल रही बैठकों पर भी भाजपा विधायक ने निशाना साधते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल किसी भी स्थिति में कांग्रेस प्रदेशअध्यक्ष दीपक बैज को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने नहीं देंगे।

चंद्राकर के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बघेल ही सर्वाधिक प्रभावशाली नेता हैं और उनके बाद देवेंद्र यादव का स्थान आता है। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि बैठकें तो रोज होती हैं लेकिन पहले भी ढाई-ढाई साल के प्रयोग का नाटक चलता रहा है। कांग्रेस द्वारा धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग पर चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे पर खुद कांग्रेस नेताओं में एकराय नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के फैसले भी अब कांग्रेस कमेटी तय करती है और राज्य सरकार उनके इशारों पर नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर नीतिगत निर्णय ले रही है।

क्या है पूरा मामला

मामला 27 अक्टूबर 2017 को सामने आया था, जब तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास से एक कथित सेक्स सीडी जब्त हुई थी। दावा है कि सीडी में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत आपत्तिजनक स्थिति में थे। वीडियो के वायरल होते ही प्रदेश के साथ साथ देशभर में सियासत गरमा गई थी। बाद में जांच CBI को सौंपी गई और लंबे समय तक चले कानूनी व राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 2025 में विशेष अदालत ने बघेल को बरी कर दिया। इसके CBI ने सेशन कोर्ट नई अपील लगाई है। जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पूर्व सीएम हाईकोर्ट की ओर रुख करने के मूड़ में दिखाई दे रहे हैं।

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