विजय वर्मा की वेब सीरीज “IC 814: द कंधार हाईजैक” को क्यों मिल रही है नफरत, जानिए वजह

विजय वर्मा अपनी बैक-टू-बैक वेब सीरीज और फिल्मों से दिल जीत रहे हैं। उन्होंने खुद को एक होनहार एक्टर के तौर पर बनाया है। उनकी प्रोफेशनल लाइफ अस्त-व्यस्त चल रही है, उनकी हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'आईसी 814: द कंधार हाईजैक' को फैक्ट्स के साथ खिलवाड़ करने के लिए बहुत अधिक नफरत मिल रही है। अनजान लोगों के लिए, बता दें कि वेब सीरीज 'आईसी 814: द कंधार हाईजैक' में विजय वर्मा लीड रोल में हैं। यह 1999 की भारतीय यात्रियों की फ्लाइट की सच्ची घटनाओं पर आधारित है जिसे पाकिस्तान में एक आतंकवादी समूह ने हाइजैक कर लिया था।

Vijay Varma की वेब सीरीज ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया क्योंकि मेकर्स ने आतंकवादियों का नाम 'भोला' और 'शंकर' रखा है। जबकि यह शो चौंकाने वाली हाईजैक घटना पर आधारित है, नेटिजन्स ने बताया कि कैसे आतंकवादियों की पहचान बदले हुए नामों के रूप में की गई और निर्देशक अनभुव सिन्हा पर फैक्ट्स के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि 1999 की घटना भारत के इतिहास की सबसे लंबी हाईजैक थी।

विजय वर्मा की सीरीज विवादों में

आतंकवादियों ने फ्लाइट में सवार यात्रियों के बदले भारत पर कब्जा करने वाले आतंकवादियों की रिहाई की मांग की। घटना के बाद, यह पता चला कि पांच हाईजैकर्स की पहचान इब्राहिम अतहर, शाहिद अख्तर सैयद, सनी अहमद काजी, जहूर मिस्त्री और शाकिर के रूप में की गई थी और वे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह से थे।

आतंकियों के नाम रखे भोला और शंकर

लेकिन शो में आतंकियों की पहचान 'भोला' और 'शंकर' के तौर पर की गई। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेटिजन्स बेहद आहत हुए। किसी ने कहा कि अगर आतंकवाद का कोई नाम नहीं है, तो उन्होंने नाम क्यों बदल लिया है? किसी ने यह भी साझा किया कि कैसे सिनेमाई लोग सफेदी करने में बेस्ट हैं। एक यूजर ने लिखा- आतंकवादियों का नाम 'शंकर' और 'भोला' रखा गया था। अगर आतंक का कोई मजहब नहीं होता तो नाम बदल क्यों लिया भाई?

नेटफ्लिक्स को भी कहा 'बायकॉट'

दूसरे ने कहा- हाईजैकर्स का नाम शंकर और भोला रखने के लिए @अनुभवसिन्हा को शर्म आनी चाहिए! सभी अपहर्ता मुस्लिम आतंकवादी थे। एक तीसरे यूजर ने लिखा- #नेटफ्लिक्स इंडिया फर्जी कहानी बेचने वाला, पाकिस्तान के आतंकवादियों से सहानुभूति रखने वाला बन गया है। #IC814TheKandaharHijack करने वाले 5 लोग थे इब्राहिम अख्तर (बहावलपुर से), शाहिद अख्तर सईद, सनी अहमद काजी, जहूर मिस्त्री (कराची से) और शाकिर (सुक्कुर से)।

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