मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया

मृतकों के परिजन को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार देने के निर्देश

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के पथरिया के ग्राम घुघस से जटाशंकर महादेव जा रहे श्रद्धालुओं से भरे ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से हुई दुर्घटना में श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सबकी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को शांति देने और शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति