मध्यप्रदेश में भाजपा के डेढ़ करोड़ नए सदस्य बनेंगे, CM मोहन यादव की भी सदस्यता रिन्यु होगी

भोपाल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव एवं उनके मंत्रिमंडल के सदस्य मंगलवार को अपनी-अपनी सदस्यता रिन्यु करा रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma), सीएम मोहन यादव (cm mohan yadav) सहित सभी मंत्रियों और नेताओं को भाजपा की दोबारा सदस्यता दिलाएंगे। मध्यप्रदेश में मंगलवार से भाजपा बड़ा सदस्यता अभियान शुरू हो रहा है, जिसके पहले चरण में डेढ़ करोड़ नए लोगों को सदस्यता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

 मध्यप्रदेश में मंगलवार से भाजपा का सदस्यता अभियान शुरू हो रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि एमपी के 41 लाख कार्यकर्ता 64871 बूथों पर संगठन पर्व के तहत लोगों को सदस्यता दिलाएंगे। 25 सितंबर तक चलने वाले संगठन पर्व के दौरान मध्यप्रदेश में डेढ़ करोड़ नए और देशभर में 10 करोड़ सदस्य बनाए जाएंगे।

शर्मा ने कहा कि भाजपा चुनावों तक सीमित रहने वाली पार्टी नहीं है, कार्यकर्ता आधारित जीवंत संगठन है। संगठन पर्व सर्वव्यापी-सर्वस्पर्शी होगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों को पार्टी में शामिल कर सदस्य बनाया जाएगा।

भाजपा कार्यालय में होगा कार्यक्रम
मंगलवार को भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में अभियान की शुरुआत हो रही है। सबसे पहले एमपी के सीएम मोहन यादव सदस्यता ग्रहण करेंगे। इनके बाद कैबिनेट के मंत्री भी सदस्यता लेंगे।

सीएम 2004 में बने थे बीजेपी के सदस्य
सीएम मोहन यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (rss) की पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने 1982 में छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी, जब वे संयुक्त सचिव चुने गए थे। इसके बाद वे साल 1984 में उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष बने थे। इसी साल उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की उज्जैन नगर यूनिट का सचिव और उसके बाद एबीवीपी मध्यप्रदेश राज्य का सचिव बनाया गया था। फिर आखिर में उन्होंने साल 2004 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी और राज्य कार्यसमिति में शामिल हो गए थे। अब वे अपनी सदस्यता को रिन्यु करा रहे हैं।

मिस कॉल से भी बनाएंगे सदस्य
भाजपा की ओर से बताया गया है कि टोल फ्री नंबर 8800002024 पर मिस काल के जरिए भी सदस्य बनाए जाएंगे। इसी तरह दिल्ली में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी दोबारा सदस्य बने थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पीएम मोदी को भाजपा का सदस्य बनाया था। भाजपा ने सदस्यता के लिए क्यूआर कोड, नमो ऐप और भाजपा के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर भी यह अभियान चलाया है।

सदस्यता नियमों में बदलाव और पदाधिकारी बनने की पात्रता
भाजपा ने इस बार सदस्यता नियमों में बदलाव किया है। अब मंडल का पदाधिकारी बनने के लिए कार्यकर्ताओं को अपने कार्य क्षेत्र में कम से कम 50 प्राथमिक सदस्य बनाना अनिवार्य होगा। यह नियम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर लागू किया जाएगा, जहां पार्टी की स्थिति कमजोर है। भाजपा इस अभियान के दौरान हर जाति और व्यवसाय से जुड़े लोगों की जानकारी भी एकत्रित कर रही है। इसका उद्देश्य संबंधित समाज और व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों को भी पार्टी से जोड़ना है, ताकि आगामी चुनावों में उनके वोट भाजपा के पक्ष में आ सकें।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति