चॉक, रबड़, चॉकलेट और मोर पंख से बन रही गणेश जी की आकर्षक मूर्तियां

रायपुर

राजधानी रायपुर में गणेशोत्सव की तैयारी राजधानी में जोरों-शोरों पर चल रही हैं. तीन दिनों पहले से ही शहर में गणेश आगमन की शुरुआत हो चुकी है. गणेश स्थल सजावट के किए पंडाल सजाए जा रहे हैं. वहीं इस बार विद्युत सजावट भी देखने लायक रहेगी.

मूर्तिकार भी इस बार भारी-भरकम गणेश जी की आकर्षक मूर्तियां तैयार कर रहे हैं. वहीं इन सबसे हटकर रायपुरा एक परिवार इको फ्रेंडली श्री गणेश की मिट्टी रहित मूर्तियां बना रहा है. इसकी जानकारी देते हुए मूर्तिकार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से परिवार के साथ में गणेश बनाने का काम कर रहे है.

उन्होंने बताया की इस बार कटर, पेंसिल, मोर पंख, चॉकलेट एवं कैंडल से भी श्री गणेश की मूर्तियां बन रही हैं. नारियल जूट से शंकर भगवान, छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में छतीसगढ़ के राजा श्री गणेश की मूर्ति भी बना रहे हैं.

बताया की रायपुरा में लगभग 15 वर्षों से यूनिक और इको फ्रेंडली मूर्ति बना रहे हैं. इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक पेंट का उपयोग नहीं किया जाता है. जिससे प्रदूषण भी नहीं फैलता है.

1500 से 50 हजार तक की मूर्तियों का निर्माण इस साल हो रहा है, जो इस बार लोगों को गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न सार्वजनिक पंडालों में देखने को मिलेंगे. इनकी मूर्तियों में मिट्टी का थोड़ा भी उपयोग नहीं होता, बल्कि कागज से बेस तैयार करके उस पर यूनिक आइटम डाल कर मूर्तियां बनाई जा रही है. आज के समय जब प्रदूषण हर जगह है, ऐसे में इको फ्रेंडली मूर्तियां बनाना सराहनीय है. अब उनके पास रायपुर के अलावा दूसरे शहरों से भी मूर्तियों की मांग आने लगी है.

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति