योगी सरकार आज नीलाम करेगी परवेज मुशर्रफ की 13 बीघा जमीन, खरीदनी है तो लगाएं बोली

बागपत

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के परिवार के नाम दर्ज शत्रु संपत्ति की आज नीलामी होगी. इसके लिए ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी. अलग-अलग राज्यों के लोग बागपत के कोताना गांव में जमीन देखने के लिए पहुंच रहे हैं. मुशर्रफ के परिवार की 13 बीघा जमीन को आज ही खरीदने वाले व्यक्ति के नाम पर दर्ज कर दिया जाएगा.

परवेज मुशर्रफ का परिवार बागपत के कोताना गांव में रहता था. हिंदुस्तान के बंटवारे के समय उनका परिवार पाकिस्तान में चला गया था, लेकिन परिवार की जमीन और हवेली यहीं रह गई थी. मुशर्रफ के परिवार की प्रॉपर्टी को शत्रु संपत्ति में शामिल कर लिया गया था. बता दें कि परवेज मुशर्रफ का निधन 5 फरवरी 2023 को हो गया था.

1943 में दिल्ली जाकर रहने लगा था मुशर्रफ का परिवार

बताया जाता है कि परवेज मुशर्रफ के पिता मुशर्रफुद्दीन और माता बेगम जरीन कोताना गांव की रहने वालीं थीं. कोताना में ही दोनों की शादी हुई थी. वो साल 1943 में दिल्ली जाकर रहने लगे थे, जहां परवेज मुशर्रफ और उनके भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ का जन्म हुआ था. साल 1947 में बंटवारे के समय उनका परिवार पाकिस्तान में जाकर बस गया था. दिल्ली के अलावा उनके परिवार की हवेली और खेती की जमीन कोताना में भी मौजूद है, जिसमें परवेज मुशर्रफ की जमीन तो बेच दी गई थी, लेकिन उनके भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ और परिवार के अन्य सदस्यों की 13 बीघा से ज्यादा खेती की जमीन बच गई थी.  

15 साल पहले शत्रु संपत्ति में शामिल हुई थी जमीन

इसके अलावा कोताना की हवेली उनके चचेरे भाई हुमायूं के नाम दर्ज हो गई थी. परवेज मुशर्रफ के भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ और परिवार के अन्य सदस्यों की जमीन को 15 साल पहले शत्रु संपत्ति में दर्ज कर दिया गया था. बागपत के कोताना में शत्रु संपत्ति घोषित की गई मुशर्रफ के परिवार की जमीन की नीलामी शुरू हो गई है. करीब आधी जमीन की नीलामी की प्रक्रिया आज पूरी कर ली जाएगी और रिकॉर्ड में नया नाम दर्ज होगा. इस जमीन की नीलामी होते ही बागपत से पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के भाई और परिवार का नाम खत्म हो जाएगा.

 

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