सिक्किम: गाड़ी खाई में गिरने से एक जेसीओ समेत चार जवानों की मौत

पाकयोंग

सिक्किम के पाकयोंग जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां सेना के एक वाहन के गहरी खाई में गिरने से 4 जवान शहीद हो गए। यह हादसा तब हुआ जब सेना का वाहन ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्ते पर यात्रा कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के पेडोंग से सिक्किम के ज़ुलुक जाते समय गुरुवार को सड़क दुर्घटना में कम से कम चार भारतीय सेना के जवानों की मौत हो गई।भारतीय सेना के चार जवानों की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतकों में मध्य प्रदेश के ड्राइवर प्रदीप पटेल भी शामिल हैं।

यह दुर्घटना सिक्किम के पाकयोंग जिले में सिल्क रूट पर हुई। अधिकारियों ने बताया कि वाहन सड़क से फिसलकर लगभग 700 से 800 फीट नीचे खाई में गिर गया। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना रीनॉक रोंगली राज्य राजमार्ग पर दलोपचंद दारा के पास वर्टिकल वीर में हुई, जिसे सिल्क रूट के नाम से भी जाना जाता है।

हादसे के तुरंत बाद बचाव दल को मौके पर भेजा गया, लेकिन चार जवानों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। कर्मियों की पहचान मध्य प्रदेश के ड्राइवर प्रदीप पटेल, मणिपुर के क्राफ्ट्समैन डब्ल्यू पीटर, हरियाणा के नायक गुरसेव सिंह और तमिलनाडु के सूबेदार के. थंगापंडी के रूप में हुई है। सभी सैन्यकर्मी पश्चिम बंगाल के बिनागुरी की एक यूनिट के थे।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति