भारत 2030 युवा ओलंपिक के लिए दावेदारी पेश करेगा: खेल मंत्री मांडविया

नई दिल्ली
 खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि भारत 2030 में होने वाले युवा ओलंपिक के लिए बोली लगाने के लिए तैयार है, जो 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। वर्ष 2030 में पांचवें युवा ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जाएगा।

मांडविया ने यहां एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) की 44वीं महासभा के अवसर पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम 2030 में होने वाले युवा ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए बोली लगाने जा रहे हैं, लेकिन हमारा ध्यान 2036 ओलंपिक की मेजबानी पर है।’’

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, ‘‘मोदीजी के नेतृत्व में हमने क्रिकेट विश्व कप, फुटबॉल अंडर-17 विश्व कप सहित कई अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया।’’ युवा ओलंपिक 2023 की मेजबानी हासिल करने के लिए भारत के अलावा पेरू, कोलंबिया, मैक्सिको, थाईलैंड, मंगोलिया, रूस, यूक्रेन, बोस्निया और हर्जेगोविना भी दौड़ में शामिल हैं।

 

 

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति