उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारी अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे

देहरादून
 उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारी अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कर्मचारियों पर लगा यह प्रतिबंध हटा दिया है। राज्य सरकार के इस फैसले से अब राजकीय कार्मिक संघ की शाखा तथा अन्य सांस्कृतिक या सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। राज्य सरकार के इस निर्णय का कर्मचारी नेताओं ने स्वागत भी किया है। 58 साल बाद किसी सरकार ने राज्य कर्मचारियों पर लगा यह प्रतिबंध हटाया है। बता दें कि जुलाई में भारत सरकार की ओर से गृह मंत्रालय ने भी एक आदेश जारी कर ऐसा ही फैसला लिया था।

गृहमंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में शामिल होने के प्रतिबंध को हटा लिया था। केंद्र के इस फैसले को उत्तराखंड की सरकार ने भी फॉलो किया है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारियों का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा प्रातःकालीन या सायंकालीन सभा में शामिल होने को उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। वे बिना किसी प्रतिबंध के इन कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकेंगे।

हालांकि, प्रदेश सरकार ने ऑफिस टाइम में इन गतिविधियों में शामिल होने पर रोक को जारी रखा है। आदेश में साफतौर पर कहा गया है कि आरएसएस की शाखा और अन्य कार्यक्रमों में सरकारी कर्मतारी तभी शामिल हो सकते हैं, जब इस काम से उनके सरकारी दायित्वों के निर्वाह में कोई अड़चन न आए। इन कार्यक्रमों में भागीदारी सरकारी दफ्तर का समय पूरा होने पर या फिर सरकारी दफ्तर का काम शुरू होने से पहले ही किया जा सकेगा।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति