कानपुर के बाद अजमेर में बड़े ट्रेन एक्सीडेंट का प्लान ! रेलवे ट्रैक पर रखे सीमेंट स्लैब

 अजमेर

उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाद अब राजस्थान में भी मालगाड़ी को पलटाने की साजिश का मामला सामने आया है. अजमेर के सरधना में रेलवे ट्रैक पर सीमेंट के दो ब्लॉक रखकर मालगाड़ी को डीरेल करने की कोशिश की गई. इसको लेकर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. इससे पहले कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश रची गई थी. इसके लिए रेलवे ट्रैक पर एलपीजी सिलेंडर रखा गया था. रेलवे लाइन के पास पेट्रोल और बारूद भी बरामद किया गया था.  

जानकारी के अनुसार, अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र से गुजरने वाली डीएफसीसी ट्रैक पर रविवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने दो जगह करीब 70 किलो वजन के सीमेंट ब्लॉक रखकर ट्रैन को डीरेल करने का कोशिश की. गनीमत रही कि ट्रैन सीमेंट ब्लॉक को तोड़ती हुई आगे निकल गई और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.   

रेलवे कर्मचारी ने दर्ज कराई FIR

इसको लेकर डीएफसीसी के कर्मचारी रवि और विश्वजीत ने मांगलियावास पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है. दोनों कर्मचारियों द्वारा पुलिस को बताया गया कि बीते आठ सितंबर की रात करीब 10.30 बजे सूचना मिली थी कि रेलवे ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रखा हुआ है. मैके पर जब सर्च किया गया तो पत्थर टूटकर गिरा हुआ था. इसके अलावा कुछ ही दूरी पर एक और ब्लॉक टूटा हुआ मिला. इसको लेकर पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है.

कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को उड़ाने की साजिश

इससे पहले रविवार रात करीब 8.30 बजे कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन को ब्लास्ट कर उड़ाने की साजिश सामने आई. प्रयागराज से भिवानी की ओर जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे एलपीजी गैस से भरे सिलेंडर टकराई थी. उसके बाद तेज आवाज भी हुई थी. इतना ही नहीं घटनास्थल पर पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस के साथ बारूद भी मिला था. जिसके बाद इस घटना की आतंकी साजिश के एंगल से जांच की जा रही है.

साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे हुए थे डीरेल

इससे पहले बीते 17 अगस्त की रात कानपुर-झांसी रूट साबरमती एक्सप्रेस (19168) के 22 डिब्बे इंजन समेत पटरी से नीचे उतर गए थे. ये ट्रेन वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी. हादसे का शिकार हुई ट्रेन के ड्राइवर ने बताया था कि बोल्डर के इंजन से टकराने के कारण हादसा हुआ क्योंकि जैसे ही बोल्डर इंजन से टकराया, वैसे ही इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह से मुड़ गया. इस हादसे की जांच की जा रही है.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति