भारत के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने काउंटी चैम्पियनशिप के डिवीजन दो मैच में 45 रन देकर पांच विकेट लिए

नॉर्थम्पटन
भारत के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने इंग्लिश काउंटी चैम्पियनशिप के डिवीजन दो मैच में डर्बीशर के खिलाफ नॉर्थम्पटनशर के लिए 45 रन देकर पांच विकेट लिए। भारत के सीमित ओवर प्रारूप के विशेषज्ञ गेंदबाज ने इस दौरान प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 100 विकेट पूरे किये। चहल ने तीसरी बार प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पांच विकेट चटकाये हैं।

चहल के लिए काउंटी क्रिकेट का यह सत्र शानदार रहा है। इस लेग स्पिनर ने पिछले महीने वन डे कप में केंट के खिलाफ 14 रन देकर पांच विकेट लिये थे। नॉर्थम्पटनशर ने मौजूदा मैच की पहली पारी में 219 रन बनाने के बाद चहल और रॉब केओघ (65 रन पर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी से डर्बीशर को 61.3 ओवर में 165 रन पर आउट कर दिया। चहल ने इस दौरान वेन मैडसेन, एन्यूरिन डोनाल्ड, जैक चैपल, एलेक्स थॉमसन और जैक मॉर्ले के विकेट चटकाये।

चहल की टीम के साथी पृथ्वी साव का इस काउंटी सत्र में खराब प्रदर्शन जारी है। उन्होंने मैच की दोनों पारियों में चार और दो रन बनाये। साव अपनी पिछली तीन प्रथम श्रेणी पारियों में भी 50 का आंकड़ा पार करने में असफल रहे हैं।

 

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति