आम आदमी पार्टी ने जुलाना में खेला सेलिब्रेटी दांव रेसलर कविता दलाल को फोगाट के सामने उतारा

चंडीगढ़
 हरियाणा विधानसभा चुनावों में पहलवान विनेश फोगाट की उम्मीदवारी के बाद सुर्खियों में आई जुलाना सीट का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। बीजेपी द्वारा पूर्व पायलट योगेश बैरागी को उतारने के बाद आप ने डब्लूडब्लूई महिला रेसलर कविता दलाल (Kavita Dalal) पर दांव खेल दिया है। कविता दलाल कुछ समय पहले आप में शामिल हुई थीं। जींद जिले की रहने वाली बागपत के बिजवाड़ा गांव की बहू हैं। कविता दलाल डब्ल्यू डब्ल्यूई में भारत की प्रथम महिला रेसलर हैं।

जुलाना की हैं कविता दलाल
कविता देवी दलाल पांच भाई-बहनों में से एक हैं। वह हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील के मालवी गांव से आती हैं। उनका जन्म इसी गांव में हुआ था। ऐसे में वह जुलाना और जींद की बेटी होने के साथ उत्तर प्रदेश के बागपत की बहू हैं। कविता की शादी 2009 में हुई थाी। उन्होंने 2010 में एक बच्चे को जन्म दिया। जिसके बाद वह खेल छोड़ना चाहती थीं, लेकिन अपने पति से प्रेरित होकर उन्होंने खेलना जारी रखा। कविता ने पिछले दिनों सूट सलवार में रेसलिंग करके सुर्खियां बटोरी थीं।

जुलाना से कौन-कौन मैदान में?
जींद जिले में आने वाली सीट से कांग्रेस ने विनेश फोगाट (Vinesh Phogat), बीजेपी ने पूर्व कैप्टन योगेश बैरागी (Yogesh Bairagi) और जेजेपी ने अपने मौजूदा विधायक अमरजीत सिंह ढांडा को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी ने कविता दलाल को टिकट दे दिया है। अब जुलाना की लड़ाई में दो महिला पहलवान के साथ पूर्व पायलट और एक बार के विधायक अमरजीत सिंह ढांडा मैदान में हैं। जींद जिले की इस सीट पर बीजेपी को कभी भी जीत नहीं मिली है। कांग्रेस इस सीट पर 2005 में जीती थी।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति