यूक्रेन और रूस के बीच महायुद्ध: रूस और यूक्रेन पहुंची हथियार और बैलिस्टिक मिसाइलों की नई खेप, कौन कर रहा मदद

मॉस्को/कीव
फरवरी 2022 से यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा महायुद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। लाखों की मौत और अरबों की संपदा खाक होने के बावजूद न तो रूस ने अपने कदम पीछे किए हैं और न ही यूक्रेन ने अपनी हार स्वीकारी है। पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन ने रूस के भीतर हमले शुरू कर दिए है। अब यूक्रेन भी रूस को बराबरी की टक्कर दे रहा है। इससे पुतिन बौखला गए हैं। इन सबके बीच रिपोर्ट है कि रूस और यूक्रेन में हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइलों की नई खेप पहुंच रही है। ईरान पर रूस की मदद करने आरोप हैं। वहीं, काउंटर अटैक में ब्रिटेन सरकार ने भी यूक्रेन को अरबों कीमत की 650 हल्की मिसाइलें आपूर्ति करने का ऐलान किया।

अमेरिका और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों के समक्ष यूक्रेन ने रूस को ईरान द्वारा दी जा रही मदद का मुद्दा उठाया। यूक्रेन ने आरोप लगाया कि युद्ध में रूस को कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें आपूर्ति की जा रही हैं। साथ ही अमेरिका और ब्रिटेन पर मामले में ईरान पर ऐक्शन लेने की मांग की गई। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने लंदन यात्रा के दौरान कहा कि ईरान ने हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज किया है और इस तरह की आपूर्ति से संघर्ष और बढ़ने का खतरा है। अमेरिका समेत पश्चिम देशों ने ईरान पर प्रतिबंधों की घोषणा की है। हालांकि युद्ध के मैदान में अभी इस तरह की पुष्टि नहीं हो पाई है कि रूस को ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों की मदद की है, क्योंकि अभी तक रूस द्वारा ईरानी मिसाइलों के इस्तेमाल के सबूत नहीं मिले हैं। ईरान ने भी अमेरिका और यूक्रेन के पश्चिम मित्रों के इसे आरोपों को निराधार और झूठा बताकर खारिज कर दिया है। ईरान ने इन आरोपों को पश्चिम का पाखंड करार दिया।

ब्रिटेन और यूक्रेन के बीच खास समझौता
उधर, ब्रिटेन ने भी यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 162 मिलियन ब्रिटिश मुद्रा कीमत के 650 हल्की बहुउद्देशीय मिसाइलों की आपूर्ति का वादा किया है। ब्रिटेन सरकार ने ऐलान किया कि वह तक ऐसा करना जारी रखेगा, जब तक उसे करना आवश्यक लगेगा। ब्रिटेन द्वारा यूक्रेन को दी जा रही विशेष मदद 3 बिलियन पाउंड प्रति वर्ष के वित्तीय पैकेज का हिस्सा है। इसी साल जुलाई में यूक्रेनी प्रेजिडेंट वलोडोमिर जेंलेस्की ने लंदन यात्रा के दौरान ब्रिटिश सरकार से हथियारों की मदद मांगी थी। इसके लिए रक्षा सचिव और जेलेंस्की के बीच एक नई रक्षा निर्यात सहायता संधि पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते से ब्रिटेन और यूक्रेन दोनों के बीच हथियार उत्पादन में वृद्धि पर सहमति बनी।

ईरान ने रूस को क्या मदद की
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने हाल ही में यूक्रेन के खिलाफ संघर्ष में मदद के लिए रूस को कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दी हैं। अमेरिकी और पश्चिमी अधिकारियों ने इसके संदर्भ में लगभग एक साल से चेतावनी दी थी।” उन्होंने यह नहीं बताया कि रूस को कितने हथियार प्रदान किए गए हैं या कब दिया गया, लेकिन यह जरूर पता चला है कि फतह-360 समेत बैलिस्टिक मिसाइलों की कई खेप भेजी है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब यूक्रेन ने भी रूस में घुसकर हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिका और पश्चिम देशों ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के आक्रमण के दौरान ईरान की भूमिका को लेकर चिंता जताई है। ईरान ने पहले भी रूस को ड्रोन प्रदान किए हैं और रूस के लिए ड्रोन निर्माण संयंत्र बनाने में मदद की है।”

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति