सीएम अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त जमानत

नई दिल्ली

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दे दी है। इसके बाद, 156 दिनों के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ़ हो गया है। फ़ैसला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने सुनाया। अपने फ़ैसले में उन्होंने कहा कि ‘सीबीआई मामले में दस लाख के ज़मानत बॉन्ड पर केजरीवाल को ज़मानत दी जाती है।’ हालाँकि केजरीवाल को सशर्त ज़मानत मिली है और अदालत ने उनपर कुछ शर्तें लगाई है, जिसका पालन करना आवश्यक होगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए 13 सितंबर 2024 का दिन महत्वपूर्ण साबित हुआ है। दिल्ली की विवादित आबकारी नीति घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते गिरफ्तार केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से आज राहत मिल गई है। बता दें कि सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को कथित शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार किया था।
अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी ज़मानत

इसके पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इसी मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी थी और अब सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई केस में ज़मानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने रखी शर्तें

हालाँकि, ज़मानत के साथ सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। ज़मानत की शर्तों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल किसी भी सरकारी फ़ाइल पर दस्तख़त नहीं कर सकेंगे और उन्हें उनके कार्यालय जाने पर भी पाबंदी रहेगी। साथ ही, उन्हें इस मामले में कोई सार्वजनिक बयान देने या टिप्पणी करने पर भी मनाही है।
सुनीता केजरीवाल ने दी ये प्रतिक्रिया

अरविंद केजरीवाल को ज़मानत मिलने के बाद उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने प्रसन्नता ज़ाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा है कि ‘आप परिवार को बधाई। मजबूत बने रहने के लिए बधाई। हमारे अन्य नेताओं की जल्द रिहाई की भी कामना करती हूँ।’

वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने फ़ैसला आने के बाद कहा कि ‘सत्यमेव जयते..सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।’ ये फ़ैसला सुनाए जाने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि केजरीवाल जी को ज़मानत मिली, इसका मतलब न्याय जीता है।
क्या है मामला

यह मामला दिल्ली की विवादास्पद आबकारी नीति से जुड़ा हुआ है, जिसमें केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस नीति के तहत, शराब वितरण के ठेकों में कथित गड़बड़ियों और आर्थिक लाभ के आरोपों के कारण सीबीआई और ईडी की जांच के दायरे में दिल्ली सरकार के कई मंत्री और अधिकारी आए थे।

केजरीवाल की गिरफ्तारी और उसके बाद के घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी थी। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साज़िश बताया था। सुप्रीम कोर्ट से मिली इस जमानत के बाद दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है। हालाँकि, केजरीवाल पर लगे आरोप और उनपर लगाई गई सुप्रीम कोर्ट की शर्तें उनके कार्यों को सीमित कर सकती हैं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति