गोहद में बेसली डेम के पास उद्घाटन से पहले ही अस्पताल का पहला तल डूबा, अब इंजीनियर भी पकड़ रहे माथा

गोहद
गोहद में बेसली डेम के पास चार मंजिला अस्पताल की नवीन इमारत का ढांचा बनकर तैयार हो चुका है। वर्तमान में नवीन इमारत के पहले तल पर पानी भरा हुआ है। निर्माणाधीन अस्पताल डैम के डूब क्षेत्र में इसके चलते खामियाज भविष्य में अस्पताल प्रबंधन व मरीजों को भुगतना पड़ सकता है। बेसली डेम के पास 29 सितंबर 2020 में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाए जाने का काम शुरू किया गया था।

अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
16.68 करोड़ रुपये की लागत से नवीन अस्पताल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। 15 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। जिस जगह अस्पताल का निर्माण कराए जाने के लिए जमीन चिह्नित की गई है वह डूब प्रभावित क्षेत्र में है, फिर भी तत्कालीन प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात को नजर अंदाज करते हुए निर्माण की अनुमति दे दी।
 
पहले दूसरी जगह बनना था अस्पताल
पहले अस्पताल की नवीन इमारत का निर्माण कराए जाने के लिए गोहद चौराह, मौ रोड और वर्तमान में गोहद अस्पताल के पीछे पड़ी जमीन देखी गई थी। लेकिन तत्कालीन कलेक्टर, गोहद एसडीएम और सीएमएचओ ने इन सभी जगहों को खारिज कर डूब प्रभावित क्षेत्र में निर्माण कार्य कराए जान की अनुमति दे दी।

गोहद में डूब प्रभावित क्षेत्र में नवीन अस्पताल की इमारत तैयार की जा रही है। इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद ही कुछ स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है। संजीव श्रीवास्तव, कलेक्टर

अब इंजीनियर्स भी मान रहे गलती
गोहद में जिस जगह अस्पताल इमारत का निर्माण कार्य चल रहा है। उस स्थान पर पानी भर जाने के बाद अब विभागीय इंजीनियर भी अस्पताल के लिए सही जमीन का चुनाव न होने की गलती मान रहे हैं। बतादें कि किसी भी अस्पताल का निर्माण कराए जाने से पहले बकायदा सर्वे किया जाता है, लेकिन गोहद में इस ओर लापरवाही बरती गई।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति