छत्तीसगढ़-रायगढ़ में एनआर इस्पात में लोहे का स्ट्रक्चर गिरने से क्रेन आपरेटर की मौत

रायगढ़.

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एनआर इस्पात में काम करते समय एक क्रेन आपरेटर की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट में अफरा-तफरा की स्थिति निर्मित हो गई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेज दिया है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में स्थित एनआर इस्पात में कल दोपहर 3 बजे के आसपास गुरफान निवासी सीवान बिहार जो कि एनआर इस्पात में बीते तीन माह से क्रेन आपरेटर के पद पर काम करते आ रहा था।

कल दोपहर वह क्रेन से लोहे के कुछ सामान को उपर चढ़ा रहा था इसी बीच क्रेन में बंधा हुआ पट्टा टूट गया और फिर लोहे का भारी भरकम 3 टन स्ट्रक्चर क्रेन आपरेटर गुरफान अली के ही उपर गिर गया जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं मौके पर मौजूद हेल्फर बाल- बाल बचा। अचानक घटी इस घटना के बाद प्लांट में अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। जिसके बाद पूंजीपथरा पुलिस को इस घटना से अवगत कराया गया। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि कल दोपहर हुई इस घटना के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेज दिया और मृतक के परिजनों को घटना से अवगत करा दिया है उनके रायगढ़ पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति