छत्तीसगढ़-बीजापुर में चेरपाल-पालनार की कटी सड़क की हुई मरम्मत

बीजापुर.

चार महीने पहले बनी सड़क बारिश में कट गई थी। जिसे संज्ञान में लेते हुए पीएमजीएसवाय ने जेसीबी की मदद से कटी हुई सड़क पर मिट्टी मुरुम डालकर मरम्मत कार्य करवाया है। अब इस मार्ग पर चार पहिये वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चेरपाल से नेंड्रा तक 15 किलो मीटर मिट्टी मुरुम की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस काम की लागत 6 करोड़ 97 लाख रुपये है और इसे भिलाई की बाफना कस्ट्रेक्शन कंपनी द्वारा कराया जा रहा है।

क्षेत्र में लगातार बारिश होने के चलते इस मार्ग पर चेरपाल से तीन किलोमीटर आगे और पालनार से एक किलोमीटर पहले तुंगलवाया नाला के पास सड़क के कट जाने से इस मार्ग से चार पहिये वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। कुछ बाइक सवार  जान जोखिम में डालकर किनारे से इस मार्ग से आवाजाही कर रहे थे। इसकी खबर अमर उजाला ने बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आये पीएमजीएसवाय ने गुरुवार को जेसीबी की मदद से कटी हुई सड़क पर मिट्टी मुरुम डालकर मरम्मत कार्य कराया, तब जाकर सड़क बहाल हुई और चार पहिये वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के ईई धनंजय देवांगन ने बताया कि  चेरपाल से पालनार के बीच तुंगलवाया नाला के पास कटी सड़क का मरम्मत कार्य करा दिया गया है। इस मार्ग पर अब आवाजाही बहाल हो गई है।

2018 में हुआ टेंडर, कार्य अवधि खत्म
पीएमजीएसवाय के ईई धनंजय देवांगन ने बताया कि खेतों के पानी की निकासी के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पाइप डाला गया था। इस मार्ग पर 5 से 6 जगहों पर आरसीसी पुलिया का निर्माण होना है।ईई ने बताया कि वर्ष 2018 में इस कार्य का टेंडर हुआ था। जिसकी अवधि खत्म हो गई है। ठेकेदार ने एक्सटेंशन मांगा हैं। उन्होंने कहा कि बारिश से जो सड़क बह गया है, उसे जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति