पीएम मोदी ने 6 वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, झारखंड, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश को मिला तोहफा

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रांची में आज डिजिटल माध्मय से झारखंड, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए छह वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री का टाटानगर से इन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम था लेकिन कम दृश्यता और खराब मौसम की वजह से उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार टाटानगर स्टेशन पर उपस्थित थे। ये नयी ट्रेन टाटानगर-पटना, ब्रह्मपुर-टाटानगर, राउरकेला-हावड़ा, देवघर-वाराणसी, भागलपुर-हावड़ा और गया-हावड़ा मार्गों पर चलेंगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि ये ट्रेन आवागमन के समय को कम करने में मदद करेंगी। इन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से नियमित यात्रियों, पेशेवरों, व्यापारियों और छात्र समुदायों को लाभ होगा। ये रेलगाड़ियां देवघर (झारखंड) में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में काशी विश्वनाथ मंदिर, कालीघाट, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में बेलूर मठ जैसे तीर्थ स्थलों तक आवागमन का समय कम करके क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेंगी। बयान में कहा गया है कि इससे धनबाद में कोयला और खान उद्योग, कोलकाता में जूट उद्योग, दुर्गापुर में लोहा और इस्पात से जुड़े क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 32,000 लाभार्थियों को रविवार को डिजिटल माध्यम से स्वीकृति पत्र वितरित किए और मकानों के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की। उन्होंने देशभर में पीएमएवाई-जी के 46,000 लाभार्थियों को डिजिटल माध्यम से चाबियां भी सौंपीं। केंद्र ने पीएमएवाई-जी योजना के तहत झारखंड में गरीबों के लिए 1,13,400 मकानों को मंजूरी दी है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति