मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामनंद स्वामी संप्रदाय के श्रद्धालुओं को दिया स्वागत संदेश

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रामानुज कोट पीठाधीश्वर परम पूज्य श्री रंगनाथचार्य महाराज के जन्मोत्सव पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धर्म नगरी उज्जैन में प्रदेश के अलग-अलग पंथों, धर्म और मत के श्रद्धालुओं एवं धर्मावलंबियों का आगमन होता है, उन सबका अभिनन्दन है। उन्होंने रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान कहा कि धर्माचार्य अपने-अपने पंथ के अनुसार मानव कल्याण की भलाई के मार्ग को अपनाते हुए जातिवाद, छुआ-छूत और भेदभाव को दूर करने में आगे आएं। परम पूज्य रामानंद स्वामी ने जो मार्ग दिखाया था उस मार्ग में हम सबकी भलाई का मार्ग प्रशस्त करें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश में आने वाले रामानंद स्वामी सम्प्रदाय के श्रद्धालुओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामानंद समुदाय के कांचीपुरम पीठ के वैंकट स्वामी और खट्टर स्वामी का अभिनंदन भी किया गया।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति