“मोदी जी ने अनुच्छेद 370 हटाकर गुर्जर, बकरवाल, दलितों व पहाड़ियों को उनका हक दिलाने का काम किया है”अमित शाह

नई दिल्ली
 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में अपनी चुनावी रैलियों को संबोधित करने से पहले अनुच्छेद 370 को लेकर अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उल्लेखनीय कार्यों का जिक्र करते हुए कहा, “मोदी जी ने अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू के पिछड़ों, गुर्जर, बकरवाल, दलितों व पहाड़ियों को उनका हक दिलाने का काम किया है।”

उन्होंने कहा, “आईआईटी, एम्स व आईआईएम जैसे संस्थानों से युवाओं को सशक्त बनाना हो या रेल-रोडवेज को विश्वस्तरीय बनाना हो। मोदी सरकार जम्मू वासियों की हर आकांक्षा की पूर्ति कर रही है।” उन्होंने अपनी चुनावी रैलियों का जिक्र करते हुए कहा, “आज जम्मू के पैडर नागसेनी, किश्तवाड़ व रामबन विधानसभाओं में भाजपा के लिए आशीर्वाद मांगूंगा।”

बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अमित शाह की आज तीन रैलियां निर्धारित हैं। इसमें पैडर नागसेनी, किश्तवाड़ व रामबन शामिल हैं। इन तीनों जगहों पर जाकर शाह अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगेंगे।

इस संबंध में भाजपा प्रवक्ता और मीडिया सेंटर प्रभारी अरुण कुमार गुप्ता ने जानकारी दी। उन्होंने कहा, “गृह मंत्री 16 सितंबर को रामबन, किश्तवाड़ और पद्दार में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे।” इससे पहले, उन्होंने छह और सात सितंबर को बीजेपी का घोषणापत्र जारी किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को दूसरे चरण और 1 अक्टूबर के तीसरे चरण के मतदान से पहले चुनावी रैलियों को संबोधित करने के लिए जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के अलावा केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 20 सितंबर को जम्मू में प्रचार करेंगे।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 18 सितंबर, 15 सितंबर और 1 अक्टूबर को होंगे और मतों की गिनती आठ अक्टूबर को होगी।

अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बीच अनुच्छेद 370 और आतंकवाद को लेकर प्रमुख रूप से चर्चा हो रही है। एक तरफ जहां बीजेपी का दावा है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से घाटी में चौतरफा विकास की बयार बह रही है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का दावा है कि अपने इस कदम से केंद्र की मोदी सरकार ने घाटी के लोगों के हितों पर प्रहार किया है, जिसका जवाब इस बार घाटी की जनता चुनावी नतीजों के रूप में बीजेपी को देगी।

 

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