राज्यपाल ने रायगढ़ में विकास एवं अन्य गतिविधियों पर अधिकारियों की ली बैठक

12

रायपुऱ

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रायगढ़ जिले के प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों से विकास एवं अन्य गतिविधियों के संबंध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का पूरा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने जल संरक्षण एवं जल संचयन, पौधारोपण एवं पर्यावरण संवर्धन, परंपरागत एवं जैविक खेती प्रोत्साहन, टी.बी उन्मूलन, सड़क सुरक्षा आदि विषयों पर अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक प्रगति लाने के लिए निर्देशित किया।

राज्यपाल ने जिले में टीबी उन्मूलन के लिए किए गए प्रयासों एवं प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने टीबी उन्मूलन के लिए बेहतर मॉनिटरिंग करने एवं इसके इलाज को लेकर लोगों को जागरूक करने बात कही। उन्होंने रेडक्रॉस के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही रेडक्रॉस के चुनाव कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री डेका ने वृक्षारोपण को लेकर विशेष रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि पौधे लगाने के साथ ही उसे जीवित रखने को लेकर समुचित व्यव्स्था की जाए। उन्होंने पौधरोपण के लिए जल्दी विकसित होने वाली पौधों की प्रजातियों के चयन की बात कही। राज्यपाल श्री डेका ने परंपरागत कृषि एवं जैविक खेती प्रोत्साहन के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने जैविक कृषि को बढ़ावा देने किसानों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। जिले के सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों के रखरखाव के संबंध में जानकारी ली तथा ऐसे महत्वपूर्ण स्थलों से जुड़ी जानकारियां डिजिटल रूप से भी संग्रहित करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल श्री डेका ने बैठक में कहा कि ड्रग्स एवम नशे के कारण युवा काफी प्रभावित हो रहे हैं इसके रोकथाम के लिए सभी आवश्यक उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी जानकारी ली। राज्यपाल श्री डेका ने जनजातीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोडने एवं स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य आधारभूत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास करने कहा। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में सहकारी गतिविधि बढ़ाने के लिए भी कहा ताकि अंचल में रहने वाले लोगों को सशक्त बनाते हुए मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से विकास मूलक कार्यों को संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ-साथ उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने विभागीय दायित्वों को पूरी कर्तव्य निष्ठा और मानवीय मूल्यों के साथ निर्वहन करने तथा बेहतर नवाचार के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम एवं रायगढ़ जिले के प्रशासन तथा पुलिस के अधिकारी, वन एवं अन्य विभागों के  अधिकारी उपस्थित थे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति