राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए निवेशकों को मिलेगी हर संभव मदद

रायपुर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ऊर्जा विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद की गरिमामय उपस्थिति में गुजरात में आयोजित ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट-2024 के दौरान आयोजित ग्रीन हाइड्रोजन सीईओ राऊंड टेबल कॉन्फ्रेंस में निवेशकों को यह जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ में निवेश करने वाले निवेशकों को राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 के तहत हर संभव प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित सरकार द्वारा किया गया।

इस राउन्डटेबल की अध्यक्षता गुजरात सरकार के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आइएएस श्री एस जे हैदर ने की और ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए गुजरात की रणनीतिक पहल पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें राज्य ने प्रति वर्ष 3 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटीपीए) ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। सत्र में नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की गुजरात की क्षमता पर जोर दिया गया।

सीबीडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा इस अंतर्राष्ट्रीय इन्वेस्टर मीट में छत्तीसगढ़ राज्य में अपरम्परागत ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। निवेशकों को छत्तीसगढ़ में भविष्य की महत्वपूर्ण बायोमास आधारित योजनायें जैसे-बायो-एथेनॉल, बायोजेट एवियेशन फ्यूल, कम्प्रेस्ड बायोगैस तथा ग्रीन हाइड्रोजन आदि में निवेश के लिये निवेशकों को आमंत्रित किया गया।

निवेशकों को जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ राज्य के पूरे ग्रामीण परिदृश्य में बायोमास जैसे कि कृषि अपशिष्ट, डेयरी उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट, फल एवं सब्जी बाजारों के अपशिष्ट, गोबर की बहुतायत है, जिसका उपयुक्त तकनीक से प्रसंस्करण कर वृहद पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की अपार संभावनायें हैं। यह प्रयास सफल होने पर राज्य में संचालित वृहद स्टील उद्योगों, खादय प्रसंस्करण इकाईयों, फटीर्लाईजर इकाई में ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग इन्डस्ट्रीयल एप्लीकेशन के रूप में किया जाएगा। इस तरह राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन वर्ष 2030 के लक्ष्य 05 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन की दिशा में छत्तीसगढ़ का अहम् योगदान निश्चित होगा तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी। सीबीडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सभी निवशकों को आश्वस्त किया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 में हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण हेतु निवेशकों को यथासंभव प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही राज्य में रोजगार के नवीन अवसर भी सृजित होंगे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति