दौसा में बोरवेल में गिर गई थी ढाई साल की बच्ची नीरू, 16 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सुरक्षित निकाला गया

दौसा
 राजस्थान के दौसा जिले के जोधपुरिया गांव में एक बड़ा हादसा टल गया। ढाई साल की बच्ची नीरू गुर्जर बोरवेल में गिर गई थी। 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बचा लिया गया। बच्ची को सकुशल देख परिजनों ने राहत की सांस ली। घटना बुधवार शाम की है। नीरू खेलते समय बोरवेल में गिर गई थी। बारिश की वजह से जमीन धंस गई थी और नीरू बोरवेल में जा गिरी। बच्ची करीब 30 फीट गहराई में फंस गई थी।
सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। जेसीबी मशीनों से बोरवेल के समानांतर खुदाई की गई। मेडिकल टीम ने बोरवेल में ऑक्सीजन के पाइप उतारे ताकि बच्ची को सांस लेने में दिक्कत न हो। रेस्क्यू टीमों ने पूरी रात काम किया। गड्ढे के चारों ओर गहराई तक खुदाई की गई। गुरुवार सुबह करीब 20 फीट लंबा पाइप बोरवेल में डाला गया। इस पाइप को करीब 16 फीट अंदर तक ले जाया गया। इसके बाद बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

बारिश में मुश्किलें की पैदा, हिम्मत नहीं हारी रेस्क्यू टीमें लगी रही

चार जेसीबी और कई ट्रैक्टरों से खुदाई का काम रात भर चला। मिट्टी को हटाने का कार्य और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने के बाद बारिश आने से मुश्किलें पैदा हुई लेकिन काम नहीं रोका गया। बोरवेल को तिरपाल से ढकवाया गया और रेस्क्यू टीमें काम में जुटी रहीं। बारिश से बचाव कार्य में थोड़ी देरी हुई लेकिन सफलता आखिर मिल ही गई। देर रात तक एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर लगी रहीं। बच्ची को सकुशल देखकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने प्रशासन और रेस्क्यू टीम का आभार जताया। इस घटना के बाद एक बार फिर बोरवेल के खुले ढक्कनों पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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