बच्ची के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद राजधनी का निजी स्कूल सील, मान्यता भी की रद्द

भोपाल
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक निजी स्कूल में शिक्षक द्वारा तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल के अंदर घुसने की भी कोशिश की। इसके बाद यहां भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

आरोपित शिक्षक को फांसी की सजा मांग की

अधिकारियों ने आनन-फानन स्कूल को सील कर मामले को शांत कराया। प्रदर्शनकारी आरोपित शिक्षक को फांसी की सजा और स्कूल की मान्यता रद करने की मांग कर रहे थे। उग्र प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों ने स्कूल को तत्काल सील करने के साथ ही जल्द उसकी मान्यता समाप्त करने का भी आश्वासन दिया। उधर, गुरुवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की ओर से पीड़िता बच्ची की काउंसिलिंग की गई।

पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल जिला प्रशासन ने गुरुवार को एक निजी स्कूल को सील कर दिया, क्योंकि स्कूल में पढ़ने वाली एक छोटी बच्ची के साथ उसका एक शिक्षक यौन उत्पीड़न कर रहा था। इस बारे में एसडीएम (उप-विभागीय मजिस्ट्रेट) अर्चना शर्मा ने कहा, 'हमने स्कूल की इमारत को सील कर दिया है और इसकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई है और हम दो दिनों के भीतर जांच पूरी कर लेंगे।'

बच्ची के यौन शोषण की खबर सामने आने के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों सहित आम लोगों ने यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के साइनबोर्ड को तोड़ दिया और परिसर के बाहर आरोपी का पुतला जलाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को मृत्युदंड देने की मांग की।

इससे पहले बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना की निंदा की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। सीएम यादव ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'भोपाल में एक स्कूल शिक्षक द्वारा तीन साल की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। मैंने सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, साथ ही इस मामले में स्पेशल कोर्ट के माध्यम से न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। यह कृत्य अत्यंत घृणित, शर्मनाक व निंदनीय है।'

बच्ची के माता-पिता की शिकायत के बाद आरोपी स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान कासिम रेहान के रूप में हुई है, जो कि स्कूल में आईटी एक्सपर्ट के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, साढ़े तीन साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के संबंध में कमला नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और 75 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

भोपाल के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने एएनआई को बताया, 'आरोपी उसी स्कूल में शिक्षक है, जहां बच्ची पढ़ती है। उसकी पहचान कर ली गई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।' उन्होंने कहा, 'चूंकि पीड़िता बहुत छोटी है, इसलिए घटना का खुलासा होने में कुछ समय लगा, लेकिन जब हमें शिकायत मिली, तो हमने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।'

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति