मुख्यमंत्री बनने के बाद आतिशी ने बताया अगले 4 माह का प्लान, बोलीं- सफल नहीं होने देंगे BJP का षड्यंत्र

नई दिल्ली
दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आतिशी ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का जमकर गुणगान किया। साथ ही उपराज्यपाल और भाजपा पर बरसते हुए अगले चार महीने के लिए अपना प्लान भी बताया। अपनी प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत करते हुए आतिशी ने कहा, मैं दिल्ली की बेटी, दिल्ली के इतिहास में सबसे लोकप्रिय नेता, मेरे बड़े भाई और राजनीतिक गुरु अरविंद केजरीवाल जी का धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने मेरे ऊपर भरोसा किया। उन्होंने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। दिल्ली के लोगों की देखरेख की जिम्मेदारी।

आतिशी ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ जरूर ली है, लेकिन यह काफी भावुक क्षण है क्योंकि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री नहीं है। कहा कि केजरीवाल ने 10 साल में दिल्ली की तस्वीर बदल कर रख दी है। उन्होंने दिल्ली के आम लोगों की जिंदगी बदल दी। केजरीवाल ने समझा कि आम लोगों के लिए घर चलाना कितना मुश्किल होता है। उन्होंने दिल्लीवालों को फ्री बिजली दी। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य बदल डाला। केजरीवाल ने दिल्ली की महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया। महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी। अब महिलाओं को अपना इलाज कराने के लिए गहने गिरवी नहीं रखने पड़ते हैं।

आतिशी ने सवालिया लहजे में कहा कि क्यों आज अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री नहीं हैं। क्योंकि बीजेपी की केंद्र सरकार ने केजरीवाल के खिलाफ षड्यंत्र रचा। उन पर झूठे मुकदमे लगाए। छह महीने से ज्यादा जेल में रखा। उनको तोड़ने का प्रयास किया। लेकिन, अरविंद केजरीवाल झुके नहीं, दबे नहीं। अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी दुर्भावना से की गई। कोई और नेता होता तो जमानत पर बाहर आने के बाद कुर्सी पर बैठ जाता, लेकिन केजरीवाल ने ईमानदारी का परिचय देते हुए कहा कि वह जनता की अदालत में जाएंगे और उसके फैसले के बाद ही सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे। शायद यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में ऐसा अकेला उदाहरण है।

आतिशी ने कहा कि अब हम सबको मिलकर एक ही काम करना है। फरवरी में होने वाले चुनाव में दो करोड़ लोगों को फिर से अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाना है। आतिशी ने कहा कि बीजेपी के साथ मिलकर एलजी साहब सरकार के सभी कामों में अड़ंगा डाल रहे हैं। ये लोग सभी सुविधाओं को रोकने का काम कर रहे हैं। अगर केजरीवाल को फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो बीजेपी सभी सुविधाओं को बंद कर देगी।

अगले चार महीने का प्लान बताते हुए आतिशी ने कहा कि मेरा यही काम रहेगा कि जो दिल्ली वाले एक-डेढ़ से परेशान रहे, उन्हें इनसे मुक्ति दिलानी है। अब अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आ गए हैं, ऐसे में दिल्ली के रुके हुए कामों को फिर से शुरू किया जाएगा। कहा कि वह भाजपा के किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति