मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में पुणे में होगी रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे

मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा पुणे में मंगलवार को होने जा रही है। राष्ट्रीय चर्चा "पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर और उनके जन-कल्याणकारी सुशासन' विषय पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुणे में शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे।

जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में होने वाली राष्ट्रीय चर्चा महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की अध्यक्षता में होगी। रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद रहेंगे। चर्चा में शाम को व्याख्यान-सत्र होगा। इसमें मुख्य वक्ता पद्मसे सम्मानित मा. निवेदिता ताई भिडे उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी रहेंगी। व्याख्यान-सत्र की अध्यक्षता डॉ. देवीदास पोटे प्रतिष्ठित लेखक एवं चरित्रकार करेंगे। समापन-सत्र को श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरु डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव संबोधित करेंगी।

‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठान ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है।

‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क 21 एकड़ भूमि पर फैला है, जिसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ 68 लाख रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5डी-शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य, स्व-धर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में 100 लोग देख सकते हैं।

तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंडस्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा मिला है। अब तक 70 हज़ार से अधिक लोग इसका भ्रमण कर चुके हैं।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति