रेप के बाद बच्ची की हत्या के आरोपित को जेल भेजा, अंडा सेल में रहेगा बंद

 भोपाल
शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में स्थित वाजपेयी नगर मल्टी में पांच वर्ष की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले में मुख्य आरोपित अतुल भालसे की पुलिस रिमांड सोमवार को समाप्त हो गई। पुलिस ने उसे जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपित को भारी सुरक्षा के साथ जेल ले जाया गया। सीआईएसएफ के जवान उसे भोपाल सेंट्रल जेल लेकर पहुंचे। पुलिस को आरोपित की तीन दिन की रिमांड मिली थी।

सूत्रों के मुताबिक आरोपित अतुल जेल की उसी तरह की अंडा सेल में रहेगा, जिसमें सिमी आतंकी भी कैद हैं। अंडा सेल जेल के अ और ब खंड के बीच बनी है, जहां जेल प्रशासन अक्सर गंभीर अपराध के मामलों में आरोपितों को बंद रखता है। इन्हें आम कैदियो से अलग रखा जाता है।

आरोपित के मोबाइल से भी मिले बच्चियों के फोटो
पुलिस की छानबीन के दौरान आरोपित अतुल के मोबाइल में बच्चियों के फोटो मिले हैं। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह अपनी सह-आरोपित बहन चंचल के साथ संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। इससे पहले चंचल के मोबाइल से भी बच्चियों के फोटो के वाट्सएप पर लेन-देन की पुष्टि पुलिस कर चुकी है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपित के घर से पुलिस घटना से संबंधित सभी सामान की जब्ती कर चुकी है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति