मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलने पर जया प्रदा ने खुशी जाहिर की

मुंबई,

 बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा ने मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर की है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है। मिथुन चक्रवर्ती को 08 अक्टूबर को 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

जया प्रदा ने मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर की है।जयाप्रदा ने कहा कि मिथुन दा महानायक हैं। मिथुन दा को दादा साहब अवार्ड दिया जाएगा, ये हमारे लिए और इंडस्ट्री के लिए बहुत खुशी की बात है।यह फिल्म जगत में हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।मिथुन दा ने कई भाषाओं की कई फिल्मों में काम किया है। मैं दादा के साथ दो फिल्में अभी कर रही हूं। इनमें एक रिवाज है और दूसरी फौजी है। मुझे बहुत अच्छा लगा।

 

  • admin

    Related Posts

    कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

    मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर…

    ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

      मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति