राजस्थान में सामान्य से 58.5% अधिक के बीच चढ़ने लगा पारा

जयपुर.

मानसून सीजन खत्म होने के साथ मौसम में बदलाव शुरू हो गया। अब दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ना शुरू हो गया है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। अक्टूबर में गर्मी के प्रभाव को देखते हुए इस बार स्कूलों ने शीतकालीन कैलेंडर में भी बदलाव किया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने अक्टूबर में सामान्य ज्यादा तापमान रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीते 24 घंटों में राजस्थान के सभी शहरों में मौसम साफ रहा और धूप निकली।

जयपुर, पिलानी, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, धौलपुर, बारां, डूंगरपुर, करौली, जालौर और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस मानसून सीजन में हुई बारिश की बात करें तो यह सामान्य से 58.5 प्रतिशत अधिक रही है। सामान्य तौर पर प्रदेश में सामान्य वर्षा का स्तर 417.46 एमएम माना जाता है जबकि इस सीजन में प्रदेश में 662.78 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। हालांकि पोस्ट मानसून भी पूर्वी राजस्थान के पहले सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की तथा मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है।

करौली में सबसे ज्यादा वर्षा –
पूरे सीजन की बात करें तो करौली में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है, यहां 1931 एमएम वर्षा हुई है। एक ही दिन में सर्वाधिक वर्षा का रिकॉर्ड भी करौली जिले के ही नाम रहा। यहां एक दिन में सर्वाधिक 380 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। 

प्रदेश के बांधों की स्थिति –
प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जोरदार रही। मानसून सीजन के शुरू होने पर प्रदेश में सिर्फ 5 बांध ही पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 405 हो चुकी है। इसके अलावा 169 बांधों में भी आंशिक रूप से पानी आया है।

इन 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा –
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस सीजन में 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं 15 जिलों में सामान्य से अधिक तथा 8 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। जिन जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा हुई है। उनमें अजमेर, अलवर, अनूपगढ़, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, दौसा, डीग, डीडवाना-कुचामन, धौलपुर, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, करौली, केकड़ी, खैरतल, तिजारा, नागौर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी और बूंदी शामिल हैं।

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