राजस्थान-कोटा में संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय के ठिकानों पर एसीबी का छापा

कोटा/जयपुर.

कोटा के राजस्थान में कोटा के संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय के ठिकानों पर एसीबी ने छापे मारे है। राजेंद्र विजय के जयपुर स्थित आवास पर छापामारी की गई है। एसीबी जयपुर स्थित आवास पर सर्च कर रही है। बता दें राजेंद्र विजय प्रमोटी आईएएस है।एसीबी से जुड़े सूत्रों के अनुसार आय से अधिक संपत्ति के मामले में दौसा और जयपुर सहित पांच जगहों पर छापेमारी चल रही है।

दौसा एसीबी उपाधीक्षक नवल मीणा अपनी टीम के साथ कार्रवाई में जुटी है। IAS राजेंद्र विजय मूल रूप से दौसा जिले के दुब्बी गांव के रहने वाले हैं। दुब्बी स्थित आवास पर ना तो राजेंद्र विजय और ना ही उनके परिजन मिले। आईएएस राजेंद्र के आवास पर रहने वाला गार्ड तक नहीं मिला। घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं होने के कारण एसीबी ने घर के अंदर सर्च नहीं किया। एसीबी ने राजेंद्र विजय के अन्य आवासों पर भी छापेमारी की है। एसीबी द्वारा यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। राजेंद्र विजय कोटा के संभागीय आयुक्त है। उल्लेखनीय है कि राजेंद्र विजय ने 7 दिन पहले ही कोटा के डिविजनल कमिश्नर का पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद वे सरकारी आवास में शिफ्ट नहीं हुए थे। वर्तमान में राजेंद्र विजय कोटा में ही हैं और सर्किट हाउस में ठहरे हैं। कोटा के सर्किट हाउस पर भी एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा टीम के साथ पहुंचे। जिस समय एसीबी की टीमों ने उनके ठिकानों पर दबिश दी, तब वो कोटा सर्किट हाउस में ही थे। उन्हें सुबह 8 बजे गांधी जयंती के अवसर पर चंबल गार्डन में पुष्पांजलि कार्यक्रम में जाना था। उसके लिए उन्होंने जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी को सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर बुलाया था, लेकिन बाद में सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। उन्होंने किसी से भी मिलने से इनकार कर दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय के अनुसार उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकायत मिली थी। इस मामले में न्यायालय के जरिए सर्च वारंट लिया गया था। इसके आधार पर आज जांच शुरू की गई है। इसके लिए पहले ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पूरा फीडबैक ले लिया था, जिसके बाद सुबह 6 बजे कार्रवाई को अंजाम दिया। इसकी मॉनिटरिंग खुद एसीबी के डीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा कर रहे हैं। सभी टीमों को एक दिन पहले ही ब्रीफ कर दिया गया था और सुबह होते ही छापेमारी की कार्रवाई की गई है। कांग्रेस शासन में राजेंद्र विजय 1 साल तक बारां जिले के कलेक्टर पद पर रहे।

7 दिन पहले ही जॉइन किया था कार्यभार
आईएएस राजेंद्र विजय प्रमोटी आईएएस हैं। उन्हें वर्ष 2010 का बैच मिला है। 7 दिन पहले ही 25 सितंबर को उन्होंने कोटा संभागीय आयुक्त का पदभार ग्रहण किया था। 17 दिन पहले उनका ट्रांसफर राजस्थान शहरी पेयजल सीवरेज एवं अवसंरचना निगम लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक के पद पर किया गया था लेकिन 22 सितंबर को जारी ट्रांसफर लिस्ट में उन्हें कोटा का संभागीय आयुक्त बना दिया था। इससे पहले वे करीब 8 महीने तक नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में स्पेशल सेक्रेटरी रहे

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