मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए युवा संवाद कार्यक्रम में

रायपुर,

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर स्थित सेन्ट्रल लाइब्रेरी में युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए, यहां उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद किया। युवाओं से बातचीत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओ को आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया जाएगा, प्रदेश के युवाओं को अच्छे भविष्य के निर्माण की सम्भावनाएं मिल रही है। इस मौके पर युवाओं की मांग सुनकर मुख्यमंत्री ने बीजापुर कलेक्टर को आवश्यक निर्देश भी दिए| अब बीजापुर के युवाओं को जल्द ही शून्य प्रतिशत ब्याज में एजुकेशन लोन की सुविधा देने की पहल की जाएगी।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर संवाद कार्यक्रम में युवाओं से मिलना एक शुभ अवसर है| मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा के लिए सजग है, प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना के साथ ही जिलों में लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि रायपुर के नालंदा परिसर में प्रतियोगी परीक्षा के लिए विद्यार्थियों की सुविधाओं में वृद्धि की गई है| दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी के लिए संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाई गई, पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उनका खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा|

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं के साथ उनके भविष्य, शिक्षा, और रोज़गार के मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं के विकास और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्री साय ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी, जो उनके सशक्तिकरण में सहायक हो सकती हैं।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से अपने सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। लाइब्रेरी में आयोजित इस युवा संवाद कार्यक्रम ने जिले के युवाओं को एक सकारात्मक मंच दिया, जहां वे अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकें और उनके समाधान के बारे में जान सकें।

मुख्यमंत्री से बातचीत में युवा राकेश ताती ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र का होने के कारण, मेरी प्रारंभिक शिक्षा दूसरे गाँव में हुई, आज मेरे गाँव में पुलिस कैंप के साथ-साथ स्कूल भी खुल गए हैं। राकेश ने बताया कि मैं सहायक प्रोफेसर की तैयारी कर रहा है, लाइब्रेरी से तैयारी करने में बहुत सहायता मिलेगी|

रूखसार खान ने बताया कि जिले में अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलने से पढ़ाई का स्तर अच्छा हुआ है, रूखसार ने मुख्यमंत्री से बीएड-डीएड कॉलेज की खोलने की पहल मांग की| सामया हसरत ने साइंस विषय के लिए कॉलेज में प्रोफेसर की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया|

ग्राम मेड के निवासी जगपति कुर्सा ने बताया कि गाँव सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्य को गति मिल गई है। जगपति ने नीट-जेईई की तैयारी के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी में कोचिंग की माँग रखी। पुजारी कांकेर निवासी लक्ष्मण ने बताया कि मेरे गाँव में पहले स्कूल नहीं था इसलिए मैंने अपनी पढ़ाई दूसरे गांव में जाकर की लेकिन मुझे ख़ुशी है कि अब मेरे गांव में स्कूल खुल गया है, अब गांव के बच्चे गांव में ही पढ़ रहे हैं| मुख्यमंत्री ने युवाओं की बात सुनकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया|

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति