फाइटर पायलट रेप आरोपों में फंसे, एयरबेस की सुरक्षा में चूक का भी दोषी, भारतीय वायुसेना ने भेजा कारण बताओ नोटिस

नई दिल्ली
भारतीय वायुसेना (IAF) ने अंबाला एयरबेस पर तैनात एक लड़ाकू विमान के पायलट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पायलट रेप के आरोपों का सामना कर रहा है और उसे सुरक्षा प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी द्वारा दोषी ठहराया गया है। वायुसेना के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह नोटिस गुरुवार को जारी किया गया, जिसमें विंग कमांडर को यह बताने के लिए कहा गया है कि क्यों न उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया जाए। वायुसेना ने कहा कि नैतिक कदाचार से जुड़े मामलों में वायुसेना की जीरो-टॉलरेंस नीति है।

क्या है मामला?
रिपोर्ट दी थी कि 40 वर्षीय विंग कमांडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन पर एक पूर्व सिविलियन इंटर्न द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है और अंबाला एयरबेस पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन का दोषी ठहराया गया है। विंग कमांडर अंबाला के वायुसेना स्टेशन में स्थित जगुआर फाइटर स्क्वाड्रन में तैनात हैं। उन्हें जून 2007 में IAF में कमीशन दिया गया था। दुष्कर्म का आरोप 25 वर्षीय इंटर्न ने लगाया है, जो पालम स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस सेफ्टी में कार्यरत थी। इस संस्थान का संचालन भारतीय वायुसेना के अधीन होता है। विंग कमांडर के खिलाफ भारतीय वायुसेना द्वारा दो अलग-अलग जांचें की गई हैं। पहली जांच कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के तहत अंबाला एयर फोर्स स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग (AOC) द्वारा सुरक्षा उल्लंघन के मामले में की गई, जबकि दूसरी जांच वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख द्वारा दुष्कर्म के आरोपों की जांच के लिए की गई।

सुरक्षा उल्लंघन के गंभीर आरोप
अंबाला एयरबेस पर सुरक्षा उल्लंघन के मामले में विंग कमांडर ने वायुसेना स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रवेश की अनुमति दी, प्रतिबंधित क्षेत्रों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया और विमानों की तस्वीरें प्रसारित कीं। यह एयरबेस देश के सबसे प्रमुख फाइटर बेसों में से एक है, जहां राफेल और जगुआर लड़ाकू विमान तैनात हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यवाही
विंग कमांडर ने दिल्ली हाईकोर्ट में 28 अगस्त को याचिका दायर कर वायुसेना द्वारा उनके खिलाफ की जा रही दो जांचों पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि वायुसेना की दोनों जांचें उन्हीं मुद्दों पर आधारित हैं, जो पुलिस द्वारा पहले ही जांच के अधीन हैं। हालांकि, वायुसेना की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत में कहा कि दुष्कर्म के आरोपों पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, क्योंकि यह मामला पुलिस द्वारा जांच के अधीन है। अदालत ने अपने आदेश में कहा, “अगली सुनवाई तक, वायुसेना के अधिकारी अनुशासनात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई जारी रख सकते हैं, लेकिन बिना कोर्ट की अनुमति के कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाएगा।”

महिला इंटर्न द्वारा 1 दिसंबर, 2023 को कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 और 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज की और विंग कमांडर के खिलाफ बलात्कार और आपराधिक धमकी के आरोपों की जांच शुरू की। मार्च 2024 में भारतीय वायुसेना को भेजी गई 22 पन्नों की शिकायत में इंटर्न ने विंग कमांडर पर आरोप लगाया कि वह उसे परीक्षण करने के बहाने कॉनॉट प्लेस के एक होटल में ले गए और उसके साथ बलात्कार किया। सितंबर 2022 में अंबाला एयरबेस पर एक कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी मुलाकात हुई थी। यह मामला अब 5 नवंबर को फिर से सुना जाएगा।

यह घटनाक्रम श्रीनगर में भारतीय वायुसेना के एक बेस पर एक अन्य विंग कमांडर पर उसी एयरबेस पर एक 26 वर्षीय फ्लाइंग ऑफिसर द्वारा बलात्कार का आरोप लगाए जाने के कुछ सप्ताह बाद हुआ है। फ्लाइंग ऑफिसर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि विंग कमांडर ने नए साल की पूर्व संध्या पर उसके साथ बलात्कार किया, और आरोप लगाया कि भारतीय वायुसेना द्वारा की गई आंतरिक जांच में कई खामियों के कारण उसे और अधिक उत्पीड़न और मानसिक यातना दी गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।

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