‘तनु वेड्स मनु 3’ में ट्रिपल रोल निभाएंगी कंगना रनौत

 

मुंबई,

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत फिल्म 'तनु वेड्स मनु 3' में ट्रिपल रोल निभाती नजर आ सकती हैं। आनंद एल राय के निर्देशन में बनी फिल्म 'तनु वेड्स मनु' वर्ष 2011 में रिलीज हुई थी। इसकी दूसरी किस्त 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' वर्ष 2015 में प्रदर्शित हुयी।दोनों ही फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा कलेक्शन किया। दोनों फिल्म में कंगना रनौत और आर. माधन ने मुख्य भूमिका निभायी थी।अब दर्शकों को इसकी तीसरी किस्त का बेसब्री से इंतजार है।

कहा जा रहा है कि 'तनु वेड्स मनु' की तीसरी किस्त की तैयारी की जा रही है। चर्चा है कि निर्देशक आनंद एल राय और उनके राइटिंग पार्टनर हिमांशु शर्मा ने 'तनु वेड्स मनु 3' की कहानी को अंतिम रूप दे दिया है। कहा जा रहा है कि 'तनु वेड्स मनु 3' में कंगना रनौत ट्रिपल भूमिका में नजर आ सकती हैं। यदि सबकुछ सही रहा तो कंगना पहली बार तीन किरदार में नजर आयेंगी। 'तनु वेड्स मनु 3' की शूटिंग 2025 के मध्य में शुरू होने की संभावना है।

  • admin

    Related Posts

    कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

    मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर…

    ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

      मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति