कनाडा सरकार ने भारत की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी पूर्ण स्थिति स्पष्ट की, बदल रहे कनाडा के सुर

टोरंटो
खालिस्तानी आंतकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत व कनाडा के संबंधों में लगातार तनाव चल रहा है। लेकिन एक अचानक कनाडा के सुर बदलते नजर आ रहे हैं। कनाडा सरकार ने भारत की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी "पूर्ण" स्थिति स्पष्ट की है। यह जानकारी कनाडा के उप विदेश मंत्री डेविड मॉरिसन ने ओटावा में विदेशी हस्तक्षेप आयोग के समक्ष दी। मॉरिसन ने कहा, “कनाडा की नीति स्पष्ट है कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। एक ही भारत है, और यह बात स्पष्ट की गई है।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत और कनाडा के बीच बातचीत जारी है।

ट्रूडो सरकार ने हाल ही में प्रोकालिस्तानी गतिविधियों से संबंधित कुछ मामलों को "भयानक, लेकिन कानूनी" करार दिया। मॉरिसन ने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ स्वतंत्रता के अधिकार के तहत सुरक्षित हैं, भले ही वे कुछ लोगों को पसंद न आएं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले साल 18 सितंबर के बाद से संबंधों में सुधार हुआ है। उस समय कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सदन में बयान दिया था कि भारतीय एजेंटों और हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बीच "विश्वसनीय आरोप" थे।

मॉरिसन ने कहा, “हम भारतीयों के साथ काम करना जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हमें उस घटना के लिए जवाबदेही की आवश्यकता है।” भारत ने कनाडा के आरोपों को "बेतुका" और "प्रेरित" बताया है। इस साल, कनाडाई पुलिस ने हत्या से संबंधित चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है, हालाँकि भारतीय संबंध की कोई सबूत अभी तक नहीं सामने आया है। मॉरिसन ने आयोग के सामने कहा कि भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार के प्रयास जारी हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

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